14जेएनडी34-कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए विद्यार्थी। स्रोत : छात्र संगठन
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में छात्रों की समस्याओं और अनियमितताओं को लेकर कुलपति डॉ. रामपाल सैनी के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता किसान छात्र एकता संगठन और एबीवीपी ने संयुक्त रूप से की। छात्र नेता सुमित लाठर, सतविंदर ढिल्लों, रोहन सैनी, नवीन कुंडू और विनय ने कुलपति को पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
उन्होंने कहा कि आंतरिक मूल्यांकन अंकों में पारदर्शिता लाने पर जोर दिया ताकि किसी भी छात्र के साथ पक्षपात नहीं हो। सबसे प्रमुख मांग उस शिक्षक के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की थी जिन पर आरोप है कि उन्होंने विद्यार्थियों को धमकी दिलवाई थी।
इसमें कुलपति सैनी ने आश्वस्त किया कि उनको यूनिवर्सिटी में नहीं रखा जाएगा। छात्र नेता सुमित लाठर का कहना है कि यह घटना केवल एक छात्र को डराने का मामला नहीं, बल्कि पूरे छात्र समुदाय के सम्मान और विश्वविद्यालय के लोकतांत्रिक माहौल पर हमला है।
इसके साथ ही हॉस्टल वार्डन को हटाने की मांग भी दोहराई गई। इसके खिलाफ छात्राओं ने कई बार शिकायत दर्ज करवाई और पुतला फूंका लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बैठक में यह गंभीर मुद्दा भी उठाया गया कि कुछ शिक्षक न तो विश्वविद्यालय आते हैं और न ही कक्षा में पढ़ाते हैं फिर भी उनकी हाजिरी लगाई जा रही है और इस अनियमितता में शामिल संबंधित चेयरपर्सन पर भी कार्रवाई की मांग की गई।
साथ ही पूर्व में आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज सभी केस को वापस लेने की मांग की गई क्योंकि ये केस केवल छात्रों की आवाज दबाने के लिए दर्ज किए गए थे। कुलपति ने बैठक में आश्वासन दिया कि संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और अन्य मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा। छात्र संगठनों ने कहा कि यदि इन मांगों पर शीघ्र और ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।