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पुराने पैटर्न पर गेहूं खरीदने पर अड़े आढ़ती

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नई अनाज मंडी में एकत्रित जिले के आढ़ती। - फोटो : Jind
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पांच दिन पहले गेहूं खरीद को लेकर प्रदेश सरकार व प्रदेश भर के आढ़तियों के बीच हुई बातचीत अब खटाई में पड़ती नजर आ रही है। जींद में जिलेभर के आढ़तियों ने नई अनाज मंडी में बैठक कर साफ कर दिया कि यदि पुराने पैटर्न पर गेहूं की खरीद नहीं होगी तो वे अपने लाइसेंस सरकार को लौटा देंगे। इसके लिए सरकार को शनिवार तक का अल्टीमेटम दिया है।
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गौरतलब है कि इस बार सरकार ने तय किया था कि बेची गई गेहूं का भुगतान आढ़ती किसानों के बैंक खातों में करेंगे। प्रदेशभर के आढ़तियों ने इसके विरोध में हड़ताल का ऐलान किया था। इस पर 13 अप्रैल को जींद में प्रदेश भर के आढ़तियों की प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस से मीटिंग हुई। इस मांग पर सहमति भी बन गई थी कि किसान द्वारा लिए गए कर्ज की राशि काट कर आढ़ती शेष राशि किसानों के बैंक खातों में डाल दें। अब फिर से जींद के आढ़तियों ने पुराने पैटर्न की मांग करते हुए गेहूं की खरीद नहीं करने का फैसला लिया है।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान जयभगवान मित्तल के अनुसार सरकार अपने वादों से पीछे हट रही है। किसानों और आढ़तियों को परेशान किया जा रहा है। ऐसे में जिलेभर के आढ़तियों ने इकट्ठा होकर फैसला लिया है कि वे पुराने पैटर्न पर ही गेहूं खरीदेंगे। यदि शनिवार तक सरकार इस पर फैसला नहीं लेती तो सभी आढ़ती अपने लाइसेंस सरकार को लौटा देंगे।
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जानकारी में नहीं मीटिंग
आढ़तियों ने मीटिंग की है, इसकी अभी सूचना मिली है, लेकिन मीटिंग में क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। 13 अप्रैल को हुई मीटिंग थी। इसके मिनट्स भी आ चुके हैं। इसमें साफ है कि किसान को दिए गए कर्ज की राशि आढ़ती काट सकते हैं। इसके बाद भी क्यों खरीद से मना किया है, इसका पता लगाया जाएगा।
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संजीव कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी जींद।
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