जींद। जिले में बुधवार रात आए तेज तूफान और बूंदाबांदी ने एक बार फिर बिजली व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। सफीदों और पिल्लूखेड़ा क्षेत्र के दर्जनों गांवों में रातभर बिजली गुल रही। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति गुरुवार दोपहर बाद तक भी पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी। तूफान के कारण बिजली निगम को 300 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं।
बिजली निगम अधिकारियों के अनुसार तेज आंधी के चलते 60 से ज्यादा बिजली पोल और तीन एच-पोल क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा कई स्थानों पर तार टूटने और पेड़ गिरने से बिजली लाइनों में फॉल्ट आ गया। ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी रात बिजली बंद रहने के कारण लोग गर्मी और मच्छरों से परेशान रहे। इन्वर्टर की बैटरियां खत्म होने के बाद लोगों को अंधेरे में रात काटनी पड़ी।
रिटोली, आलनजोगी खेड़ा, बनियाखेड़ा, रजाना, पिल्लूखेड़ा, कालवा, भूरायण, गांगोली, हाडवा, भागखेड़ा और लुदाना सहित कई गांवों में देर रात से बिजली आपूर्ति बाधित रही। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी भी हुई।
इससे बिजली व्यवस्था सुधारने के कार्य में कर्मचारियों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ी। बिजली निगम की टीमों ने रात से ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया था। खेतों में जाने वाली लाइनों को देर रात तक चालू करवाने के प्रयास किए गए, ताकि किसानों की सिंचाई प्रभावित न हो। कई स्थानों पर कर्मचारियों ने अंधेरे और खराब मौसम के बीच पोल खड़े करने और तार जोड़ने का काम किया।
निगम की मुश्किलें बढ़ीं
कई दिनों से लगातार आ रहे तूफानों के कारण बिजली व्यवस्था बार-बार चरमरा रही है। दो दिन पहले आए तूफान में भी जिले में 297 बिजली पोल और 23 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए थे। इससे लंबे समय तक बिजली संकट बना रहा। अब फिर आए तूफान ने निगम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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सभी प्रभावित क्षेत्रों में टीमें भेजी गई हैं और तेजी से बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम किया जा रहा है। जहां बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है, वहां नए पोल और उपकरण लगाकर सप्लाई सामान्य की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहर तक बिजली बहाल कर दी गई थी। इसके अलावा खेतों में बिजली की बाधित लाइन को भी शुरू करवाया जा रहा है।
-एमएल सुखीजा, अधीक्षण अभियंता बिजली निगम।