जींद। शहर की सामाजिक संस्था सृष्टि फाउंडेशन ने नेत्रदान अभियान के तहत अपना 30वां नेत्रदान करवाकर दो नेत्रहीन लोगों की जिंदगी में उजियारा लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।
सफीदों गेट स्थित बाजरान मोहल्ला निवासी दर्शन लाल भारद्वाज का वीरवार को निधन हो गया था। उनके परिजनों ने संस्था की नयना टीम से संपर्क कर नेत्रदान की इच्छा जताई। इसके बाद सृष्टि फाउंडेशन की टीम ने संयोजक डॉ. विवेक सिंगला के नेतृत्व में नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी करवाई।
डॉ. विवेक सिंगला ने कहा कि नेत्रदान आज के समय की जरूरत है। हमारे द्वारा किया गया नेत्रदान किसी के जीवन में उजियारा ला सकता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को मानव जीवन को सार्थक बनाते हुए नेत्रदान का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्था का यह छोटा सा प्रयास नेत्रहीन लोगों को आम लोगों की तरह जीवन जीने का अवसर देने में मदद करेगा।
प्रधान सुनील गोयल ने बताया कि दो वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति नेत्रदान कर सकता है। चश्मा लगाने, लेंस पहनने, मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाने या आंखों से संबंधित बीमारी होने की स्थिति में भी नेत्रदान किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कुछ विशेष परिस्थितियों में नेत्रदान संभव नहीं होता, इसलिए मृत्यु के बाद चिकित्सकीय जांच के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जाती है।
उन्होंने बताया कि मृत्यु के आठ से दस घंटे के भीतर नेत्र निकालने की प्रक्रिया की जाती है। सूचना मिलने पर टीम मृतक के घर पहुंचती है और करीब 15-20 मिनट की प्रक्रिया के बाद नेत्र प्राप्त किए जाते हैं। इससे मृतक के चेहरे पर कोई विकृति नहीं आती। महासचिव संजय सिंगला ने बताया कि मृत्यु के बाद मृतक के सिर के नीचे दो तकिये रखें, आंखों पर गीली रुई रखें और पंखा बंद कर दें ताकि आंखें सूखने से बच सकें।