जींद। जिले के 450 आंगनबाड़ी केंद्रों में जाने वाले नौनिहालों को इस बार गर्मी में परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। इन केंद्रों में जल्द ही सोलर सिस्टम लगेंगे, जिससे बिजली जाने के बाद भी पंखे चलेंगे और बल्ब जलेंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग ने योजना बनाकर मुख्यालय को भेज दी है। बजट मिलते ही योजना पर काम शुरू हो जाएगा।
जींद में कुल 1439 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से काफी केंद्र निजी भवनों, पंचायत भवनों, चौपालों में चल रहे हैं। जिले में 500 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिनकी बिल्डिंग महिला एवं बाल विकास विभाग ने खुद बनवाई है और इसकी जमीन भी विभाग के ही नाम है। विभाग ने कुछ समय पहले जिला विभाग से ऐसे आंगनबाड़ी केंद्रों का ब्योरा मांगा था, जिसकी बिल्डिंग विभाग ने बनवाई हो और जमीन भी विभाग के नाम हो। अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित हैं। यहां पर बिजली चली जाने से यहां आने वाले बच्चों को काफी परेशानी होती है। इसके अलावा बल्ब नहीं जलने से भी परेशानी होती है। विभाग ने इन आंगनबाड़ी केंद्रों में सोलर सिस्टम लगवाने के लिए ब्योरा मांगा है। विभाग ने यह ब्योरा मुख्यालय को भेज दिया है। उम्मीद है जल्द ही आंगनबाड़ी केंद्र सोलर सिस्टम से लैस हो जाएंगे।
150 वाट के लगेंगे पैनल : योजना के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में 150 वाट के सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इसमें 120 एएच की बैटरी लगाई जाएगी। इस सिस्टम से दो डीसी पंखे चल सकेंगे और तीन डीसी एलईडी जल सकेगी। इसके बाद दिनभर आंगनबाड़ी केंद्रों में दो पंखे चलते रहेंगे, जिससे गर्मी से काफी राहत मिलेगी।
ब्लॉक अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र
ब्लॉक संख्या
सफीदों 80
उचाना 60
जींद ग्रामीण 98
जुलाना 58
अलेवा 62
पिल्लूखेड़ा 38
नरवाना 54
महिला एवं बाल विकास विभाग मुख्यालय ने ऐसे आंगनबाड़ी केंद्रों का ब्योरा मांगा था, जिसका भवन विभाग के नाम हो। जिले में ऐसे 450 भवन हैं। इनकी सूची बनाकर मुख्यालय को भेज दी है। उम्मीद है जल्द ही इन आंगनबाड़ी केंद्रों में सोलर सिस्टम लग जाएंगे।
- राजपति, कार्यकारी अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग