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प्रदेश का सबसे चर्चित विवाद सुलझाने के लिए खाप पंचायतों की पहल

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पंचायत को संबोधित करते सातरोल खाप के प्रधान रामनिवास। - फोटो : Jind
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प्रदेश के चर्चित विवाद पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के निवास में आग लगाने के मामले को सुलझाने के लिए खाप पंचायतों ने पहल की। प्रदेश भर की खाप पंचायतें जाट धर्मशाला में एकत्रित हुई और आरोपियों को सामाजिक रूप से माफी दी। पंचायत में दादरी के विधायक सोमबीर सांगवान सहित 109 खापों के पदाधिकारी और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। हालांकि इस मामले के कानूनी पहलुओं पर कार्रवाई के लिए खाप पंचायतों की एक समिति दोनों पक्षों के वकीलों से मिलेगी। दिन भर चली पंचायत में करीब चार साल पहले हुई हिंसा के लिए खाप पंचायतों ने खुद को भी दोषी माना और इस पर 11 हजार रुपये जुर्माना खुद पर ही लगाया। यह राशि गोशाला में दान दी जाएगी।
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गौरतलब है कि 2016 में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान तत्कालीन वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के रोहतक स्थित आवास में आग लगा दी गई थी। यह मामला तभी से चल रहा है। इसमें कैप्टन अभिमन्यु कई खाप और जाट आरक्षण संघर्ष समिति नेताओं के निशाने पर रहे हैं। ऐसे में अब इस मामले का पटाक्षेप किया जा रहा है।
पंचायत का फैसला
पंचायत में पहले विभिन्न खापों के पदाधिकारियों ने अपनी-अपनी बात रखी। इस दौरान सभी ने कहा कि जिन लोगों ने गलती की है उसको किसी भी प्रकार से सही नहीं ठहराया जा सकता लेकिन यह मामला अब सामाजिक भाईचारे में आया है तो दोनों पक्षों को इसका समाधान करना चाहिए। इसके बाद पंचायत से एक कमेटी बनाई गई जिसने करीब एक घंटे तक अलग से बैठक कर फैसला तैयार किया। इस फैसले को दादरी के विधायक सोमबीर सांगवान ने खाप पंचायत के समक्ष रखा।
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फैसले में लिखा यह
- फरवरी 2016 में पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के रोहतक स्थित निवास सिंधु भवन को आगजनी व तोड़फोड़ व लूटपाट की घटना बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण थी। पंचायत इस पर खेद व्यक्त करती है।
-जिस प्रकार चौधरी मित्रसेन के परिवार को चारों तरफ से घेर कर जलाया गया। इसमें घर में मौजूद 10 सदस्यों को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। पंचायत उसकी घोर निंदा करती है। पंचायत इस हिंसा में प्रत्यक्ष या प्ररोक्ष रूप से शामिल रहने वाले हर व्यक्ति या संगठन की भर्तस्ना करती है।
-पंचायत इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि यह कैप्टन अभिमन्यु या उनके परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज के विरुद्घ साजिश थी। इस साजिश में जो भी लोग सम्मलित रहे हैं यहां तक की शासन प्रशासन से जूड़े लोग भी इसमें शामिल हैं तो उन सभी की पंचायत निंदा करती है। दिल दहला देने वाली इस घटना के बाद जिस भी व्यक्ति या संगठन ने मिथ्या, अनर्गल या मनघडंत आरोप लगाकर सिंधु परिवार को बदनाम करने का और समाज के भाईचारे को बिगाड़ने की कोशिश की यह पंचायत उसकी भी निंदा करती है।
-पंचायत सिंधु परिवार का आभार व्यक्त करती है कि इस अत्यंत कठिन समय मे भी परिवार ने संयम नहीं खोया और परिजनों पर जानलेवा हमले के बाद भी बदले की भावना के तहत किसी तरह की प्रतिहिंसा नहीं की और अपना संयम बनाए रखा।
-पंचायत ने प्रस्ताव पास किया कि सिंधु परिवार के रोहतक के सेक्टर 14 स्थित निवास पर आगजनी और लूटपाट में करोड़ों रुपये की हानि के बावजूद नुकसान की भरपाई के लिए मिले सरकारी मुआवजे की पूरी राशि जरूरतमंद कन्याओं की शादी में खर्च की।
--भविष्य में इस विषय पर झूठी, अर्नगल या अनावश्यक बयानबाजी की तो पंचायत उसे अवमानना मान कर सामाजिक दंड देने का काम करेगी।
-सिंधु परिवार पर किए हमले से जुड़े मामलों में चल रही सीबीआई जांच में आरोपी बनाए गए लोगों ने माफीनामा पंचायत को सौंपा है।
-भविष्य में सीबीआई जांच में नए विषय या सक्ष्य आने के मुद्दे इस पंचायत के फैसले के दायरे से बाहर रहेंगे। अदालत की किसी कार्रवाई से पंचायत का कोई ताल्लुक नहीं है। पूरा समाज सिंधु परिवार के साथ है।
मकड़ौली के सरपंच के बयान पर हुआ विवाद
पंचायत के दौरान गांव मकड़ौली के सरपंच ने मंच से कहा कि कुछ लोगों ने भाईचारा बिगाड़ा है। कैप्टन अभिमन्यु को खलनायक के रूप में पेश किया। यूपी से आकर लोगों को भड़काया। इतना कहते ही जाट आरक्षण संघर्ष समिति के कई सदस्यों ने इसका विरोध कर दिया। इस पर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। हालांकि मामला गर्म हो चला था लेकिन पंचायत में पहुंचे लोगों ने इस सुलझा दिया।
सिंधु परिवार की ओर से वीर सेन ने पंचायत पर छोड़ा मामला
वहीं पंचायत में सिंधु परिवार को ओर से कैप्टन अभिमन्यु के भाई वीर सेन मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि खापों ने हिंसा रोकने में नाकामी पर खुद पर जो जुर्माना लगाया है वह वापस होना चाहिए लेकिन खापों ने इसे मानने से मना कर दिया। इस पर वीर सेन ने कहा कि पंचायत ने जो फैसला किया है उन्हें वह मान्य है।
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