जींद। समाधान प्रकोष्ठ पर विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित शिकायतों की समीक्षा की। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने शुक्रवार को अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहे।
डीसी ने कहा कि शिकायतों का समयबद्ध और गंभीरता से निवारण करना विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर शिकायत ओवरड्यू नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि शिकायत निवारण की प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही या कोताही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित पड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर अंडरटेक किया जाए और उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि शिकायत दोबारा न खुले।
इससे पहले चंडीगढ़ मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर एवं सचिव सीजी रजनी कांथन ने प्रदेश के सभी डीसी के साथ शिकायत निवारण की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीसी ने बताया कि समाधान शिविरों के माध्यम से अब तक कुल 10 हजार 247 शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिनमें से 8 हजार 544 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है। शेष 120 लंबित शिकायतों पर कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निस्तारण पूरी गुणवत्ता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। डीसी ने कहा कि जिला और उपमंडल स्तर पर हर सोमवार और गुरुवार को समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं। जहां नागरिक अपनी शिकायतें एक ही स्थान और समय पर निपटा सकते हैं।
दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की
अधिकारियों कर्मचारियों ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर अमर शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर एडीसी प्रदीप कुमार, डीएमसी सुरेंद्र सिंह, सीटीएम मोनिका रानी, डीआरओ राजकुमार, डीडीपीओ संदीप भारद्वाज, डीएफओ पवन ग्रोवर और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।