नरवाना। गांव बड़नपुर में गंदे पानी की निकासी की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन सोमवार को लगातार छठे दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता धर्मपाल श्योकंद ने की।
उन्होंने कहा कि गांव की गलियों और मोहल्लों में गंदा पानी जमा होने से बीमारियां फैलने लगी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।
धर्मपाल श्योकंद ने कहा कि सरकार और प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान करवाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पुलिस सुरक्षा और बीडीपीओ उचाना को मैजिस्ट्रेट नियुक्त कर मौके पर कार्रवाई की जाए, ताकि गांववासियों को राहत मिल सके।
कलवंत श्योकंद ने बताया कि कमेटी के सदस्य समस्या के समाधान को लेकर बीडीपीओ उचाना कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन वहां बीडीपीओ मौजूद नहीं मिले। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल एसडीएम उचाना से मिला और उन्हें कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी द्वारा मार्क की गई शिकायत की प्रति सौंपी।
उन्होंने बताया कि एसडीएम उचाना ने 20 मई तक समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दिया है। पूर्व सरपंच डॉ. जोगिंद्र बड़नपुर ने आरोप लगाया कि 16 मई की रात कुछ शरारती तत्वों ने जलघर बड़नपुर की ओर बने गंदे पानी के बांध को काट दिया जिससे तीन गांवों के जलघरों में गंदा पानी भर गया।
उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि प्रशासनिक अधिकारियों को गांव की वास्तविक स्थिति दिखाई न दे सके। हालांकि प्रशासन और खुफिया एजेंसियों को समस्या की गंभीरता की पूरी जानकारी है।
ग्रामीणों ने समाधान शिविर नरवाना में भी एसडीएम नरवाना से मुलाकात की। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि जलघर से गंदा पानी निकलवाने के साथ-साथ बांध को भी मजबूत कराया जाएगा। इस मौके पर सतीश, सुरेश, जयबीर, दिनेश, नफे सिंह नायक, प्रेम नायक, सतेवान नायक, सुरेश शर्मा, देवी शर्मा मौजूद रहे।