जुलाना। गांव बुआना में प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस पर रविवार को हुए हमले को लेकर बैठक हुई। इसमें तहसीलदार, डीएसपी, जुलाना थाना प्रभारी समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। बैठक में फैसला लिया गया कि बुआना गांव की तरफ साइफन को नहीं खोला जाएगा। पानी निकासी के लिए पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस पाइपलाइन के जरिये ड्रेन में पानी छोड़ा जाएगा।
बताते चलें कि रविवार को बराड़ खेड़ा व बुआना के बीच लगी साइफन को खोलने के लिए प्रशासनिक अमला पहुंचा था। इसका विरोध करते हुए ग्रामीणों ने प्रशासनिक टीम पर हमला कर दिया था। इसमें नायब तहसीलदार, सिंचाई विभाग के एसडीओ समेत कई पुलिस कर्मचारी घायल हो गए थे। पुलिस ने नायब तहसीलदार की शिकायत पर दस ग्रामीणों को नामजद करते हुए 15-20 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसी मामले को लेकर सोमवार को बुआना गांव में बैठक हुई। बैठक में डीएसपी धर्मबीर खर्ब, तहसीलदार राकेश मलिक, थाना प्रभारी समरजीत के अलावा काफी ग्रामीण शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता बनारसीदास ने की। बैठक में एक 11 सदस्यीय कमेटी का चुनाव किया गया। यह कमेटी प्रशासन की पानी निकासी में मदद करेगी। बैठक में फैसला लिया गया कि जो साइफन दबी हुई है, उसे नहीं खोला जाएगा बल्कि पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस पाइपलाइन के जरिये खेतों से पानी निकालकर ड्रेन में डाला जाएगा। इससे किसी का नुकसान नहीं होगा बल्कि पानी की निकासी हो जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि वह इस कार्य में प्रशासन की मदद करेंगे। बैठक में ग्रामीणों ने डीएसपी धर्मबीर खर्ब से ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे वापस लेने की मांग की। इस पर डीएसपी ने कहा कि इसमें कोई राहत नहीं दी जाएगी। कानून अपना काम करेगा।
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प्रशासनिक टीम पर हमले के मामले में दस नामजद, 15-20 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज
जुलाना। गांव बुआना में रविवार दोपहर बाद साइफन खुलवाने गए ड्यूटी मजिस्ट्रेट, सिंचाई विभाग के एसडीओ और कर्मचारियों के साथ मारपीट करने के आरोप में पुलिस ने नायब तहसीलदार दीपक की शिकायत पर गांव बुआना निवासी दस लोगों को नामजद करते हुए 15-20 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
जुलाना थाना पुलिस को दी शिकायत में जींद के नायब तहसीलदार दीपक ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें बुआना गांव में बराड़ खेड़ा गांव से बरसाती पानी की निकासी के लिए साइफन खुलवाने के मामले में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था। रविवार को जब वह प्रशासनिक अमले के साथ बुआना गांव में पहुंचे तो ग्रामीणों ने साइफन खोलने का विरोध किया। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ लाठी, मुक्कों से मारपीट की। इसमें उन्हें खुद, सिंचाई विभाग के एसडीओ जितेंद्र और कई पुलिस कर्मचारियों को चोट आई। घायलों को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार बुआना गांव निवासी दिलबाग, कालू, सुनील, प्रवीन, नरेश, राजेश, अमित, भगत सिंह, मनीष, परमजीत को नामजद करते हुए 15-20 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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आत्महत्या का प्रयास करने वाले किसान पर भी मामला दर्ज
वहीं रविवार को प्रशासनिक टीम के सामने पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास करने वाले गांव बुआना निवासी जयभगवान के खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज किया है। यह मामला भी पुलिस ने नायब तहसीलदार दीपक की शिकायत पर दर्ज किया है।