पांच महीने पहले गुरुग्राम से लापता हुए सुरेश का शव पुलिस ने डूमरखां गांव के पास से बरामद कर लिया है। सुरेश अंतिम बार 11 अप्रैल को अपने घर रधाना आया हुआ था। तब से ही उसका सुराग नहीं मिल रहा था। सुरेश की हत्या उसकी पत्नी सुनीता ने अपने प्रेमी ढाबा संचालक सुखबीर उर्फ सुखा के साथ मिलकर की थी। सुरेश ने सात साल पहले सुनीत से प्रेम विवाह किया था। सुनीता के प्यार में फंसकर उसने अपनी 22 एकड़ पुस्तैनी जमीन के अलावा घर की संपत्ति भी बेच थी थी। अब उसे अपनी जान भी गंवानी बड़ी है। हत्या करने के आरोपी सुखबीर और उसकी प्रेमिका सुनीता को गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सुरेश की गुमशुदगी का मामला गुरुग्राम में दर्ज किया गया है।
सुरेश के चाचा व रधाना गांव के सरपंच नरेश कोच ने बताया कि सात साल पहले सुरेश ने जींद में कार रिपेयर करने का काम सीखता था। उस समय सुनीता अकेली ही शिव कॉलोनी में रहती थी। सुरेश के साथ उसकी पहचान हो गई। सुनीता के प्यार में फंसकर सुरेश ने सबकुछ लुटा दिया। इसके बाद परिजनों ने बीच में पड़ कर सुरेश व सुनीता की शादी करवा दी। शादी के बाद कई ऐसे मामले हुए, जिससे उन्हें सुनीता की प्रवृत्ति ठीक नहीं लगती थी। इस दौरान सुनीता के गांव में हुई एक हत्या के मामले में सुरेश ने राजस्थान में अपनी 20 एकड़ जमीन बेच दी। इसके बाद भी सबकुछ ठीक नहीं हुआ। एक साल पहले सुनीता गुरुग्राम में काम शुरू करने के नाम पर सुरेश को साथ ले गई। इसके लिए परिजनों से पांच लाख रुपये भी लिए। तब से वे दोनों गुरुग्राम में रह रहे थे। सुरेश का एक बेटा है, जो गांव में अपने दादा-दादी के साथ रहता था। कुछ दिन पहले ही सुनीता उसे अपने साथ ले गई थी।
परिजनों को गुमराह करती रही सुनीता
11 अप्रैल को सुरेश अंतिम बार गांव आया हुआ था। सुरेश गांव से कूलर लेने के लिए आया, लेकिन लौटकर गया तो सुनीता के पास नहीं पहुंचा। 15 दिन तक जब सुरेश की परिजनों से बात नहीं हुई तो उसके नंबर पर फोन करने पर सुनीता ने उठाया और कहा कि सुरेश बाहर गया हुआ है। इसके बाद परिजन बार-बार सुरेश के पास फोन करते और वह बात टाल देती। करीब एक महीने बाद परिवार के एक अन्य व्यक्ति ने जब बात की तो सुनीता ने कहा कि सुरेश ने उसे बताया है कि उसके हाथ से हत्या हो गई है और वह भूमिगत है। यह बात परिजनों को हजम नहीं हुई।
दोस्तों ने जताया शक सही निकला
रधाना गांव में रहने वाले दोस्तों से सुरेश नियमित रूप से बात करता था। जब कई दिन तक बात नहीं हुई तो दोस्तों ने सुरेश के परिजनों को पूरा मामला बताया और शक जताया कि सुरेश किसी दिक्कत में है। इसके बावजूद सुनीता सुरेश के बारे में कुछ नहीं बता रही थी। ऐसे में 28 अगस्त को परिवार के लोगों ने गुरुग्राम जाकर पुलिस को शिकायत दी थी। इस पर एक सितंबर को पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था।
दो दिन से जींद में ही थी गुरुग्राम पुलिस
परिजनों ने अपनी शिकायत में सुनीता पर ही सुरेश को गायब करने का शक जताया था। ऐसे में गुरुग्राम पुलिस ने जब सुनीता से पूछताछ की तो सबकुछ साफ हो गया। इसके बाद दो दिन से गुुरुग्राम पुलिस जींद में डेरा डाले हुए थी। वीरवार को पुलिस द्वारा गिरफ्तार ढाबा संचालक सुखबीर ने सबकुछ उगल दिया।
चार साल पहले पत्नी के कहने पर सुरेश की थी ससुराल में हत्या
परिजनों ने बताया कि सुरेश ने 2016 में सुनीता के कहने पर बडे़सरा गांव में एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। उस मामले में सुरेश पर हत्या का केस दर्ज किया गया था। उसे जेल भेज दिया गया था। जब वह जेल से बाहर आया तो उसे पता चला कि उसकी पत्नी का डूमरखां गांव निवासी सुखबीर के साथ प्रेम प्रसंग है। थाना प्रभारी मनोज वर्मा ने बताया कि जेल से आने के बाद सुरेश ने सुखबीर को जान से मारने की धमकी दी थी। ऐसे में वह अप्रैल में सुखबीर के ढाबे पर पहुंचा, जहां पर दोनोें ने शराब पी। इस दौरान सुखबीर ने गोली मारकर सुरेश की हत्या कर शव को ढाबे के प्रांगण में ही दफना दिया था।
हत्या में परिजनों की थ्योरी अलग
हालांकि पुलिस का कहना है कि सुरेश सुखबीर के पास ढाबे पर गया था, लेकिन परिजनों की थ्योरी इस मामले में अलग है। परिजनों का कहना है कि सुरेश 11 अप्रैल को घर आया था। ऐसे में सुनीता को पता था कि सुरेश गांव में ही रहेगा, लेकिन वह रात को ही घर से कूलर लेकर वापस चला गया। परिजनों को शक है कि सुरेश ने सुखबीर व सुनीता को आपत्तिजनक हालात में देख लिया और उसकी वहीं हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को डूमरखां गांव में दफनाया गया है। बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने रधाना गांव निवासी सुरेश के शव का कंकाल डूमरखा गांव के पास स्थित सुखी ढाबे के प्रांगण से बरामद कर लिया है। मृतक ने भी भिवानी जिले में एक हत्या की थी। जिसके बाद वह जेल गया और जेल से आने के बाद उसे अपनी पत्नी के प्रेम प्रसंग सुखबीर निवासी डूमरखां से होने का पता चला। जिसके बाद अप्रैल में वह सुखबीर के पास पहुंचा और दोनों ने शराब पी। इसी दौरान सुखबीर ने सुरेश की गोली मारकर हत्या कर दी। इस मामले में आगे की कार्रवाई गुरुग्राम पुलिस करेगी।
मनोज वर्मा, सदर थाना प्रभारी नरवाना।
सुरेश के शव को दफनाने की जगह बताता सुखबीर उर्फ सुखी।- फोटो : Jind
अपने बेटे के साथ सुरेश।- फोटो : Jind