गोली मारकर हत्या किए गए जितेंद्र के खिलाफ जुलाना थाना में सात आपराधिक मामले दर्ज थे। वह छह मामलों में अदालत से बरी हो चुका था, जबकि एक अभी भी विचाराधीन है। जितेंद्र ने पंचायत की जमीन पर कब्जा करके दुकानें बनाई हुई थीं। पंचायत द्वारा दी गई शिकायत के बाद प्रशासन द्वारा तीन दुकानों को गिरा दिया गया था।
पांचों युवकों ने चलाईं दस गोलियां
जितेंद्र जब घर लौट रहा था तो पांच युवकों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। जितेंद्र को शक हुआ तो उसने साइकिल को तेज चलाने लगा। इतनी ही देर पांचों युवकों ने उस पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। युवकों ने दस फायर किए। इनमें से पांच गोली जितेंद्र को लगी। गोली लगते पर वह साइकिल लेकर गिर गया। पुलिस ने वारदात स्थल से गोली के खाली खोल बरामद कर लिए हैं।
दुकानों को लेकर चल रहा था विवाद
जितेंद्र ने गांव के बस स्टैंड के पास पंचायत की जमीन पर कब्जा करके आठ दुकानें बनाई हुई हैं। इन दुकानों को लेकर ही दूसरे पक्ष के साथ जितेंद्र का विवाद चल रहा था। ग्रामीणों ने कमेटी बनाकर इस पर डीसी कार्यालय में शिकायत लगाई हुई है। कुछ दिन पहले प्रशासन ने तीन दुकानों को गिरा दिया था।
29 मई को चली थी दोनों तरफ से गोली
जितेंद्र का 29 मई को गांव के ही वीरेंद्र उर्फ कन्नू के साथ झगड़ा हो गया था। इस दौरान भी दोनों और से गोलियां चली थीं। इसमें जितेंद्र बच गया था। इस मामले को लेकर कई बार पंचायत भी हो चुकी है। ग्रामीणों को डर था कि कहीं यह रंजिश खूनी रूप न ले ले।
सात आपराधिक मामले हुए थे दर्ज, एक अभी भी लंबित
जितेंद्र के खिलाफ 30 मई 2015 को जान से मारने की धमकी देने व अन्य धाराओं के तहत जुलाना थाना में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में वह 18 अगस्त 2017 को अदालत से बरी हो गया था। 15 सितंबर 2012 को जुलाना थाना में जान से मारने के प्रयास व शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ था जिसमें वह 2 जुलाई 2013 को बरी कर दिया गया था। 31 जनवरी 2010 को जितेंद्र के खिलाफ जुलाना थाना में चोरी का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें वह 3 नवंबर 2010 को बरी हो गया था। चार जुलाई 2009 को जितेंद्र के खिलाफ जुलाना थाना में सड़क दुर्घटना का दर्ज हुआ था, जिसमें वह 8 जून 2010 को बरी कर दिया गया था। 6 जनवरी 2009 को जितेंद्र के खिलाफ छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने पर मामला दर्ज किया गया था, जिसमें वह 9 फरवरी 2011 को बरी हो गया था। 8 जुलाई 2004 को भारतीय दंड संहिता की धारा 379, 411 के तहत सफीदों थाने में दर्ज मामले में वह 21 मई 2007 को बरी हो गया था।
मृतक के भाई की शिकायत पर शादीपुर के ही पांच युवकों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पीजीआई रोहतक से शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
सुरेंद्र सिंह, जुलाना थाना प्रभारी।