हरियाणा के जींद के खापड़ व छात्तर गांवों में अनुसूचित जाति के लोगों के सामाजिक बहिष्कार के मामले में कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों के पुतले जलाकर रोष जताया। सोमवार को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के 65वें महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्होंने सचिवालय के बाहर पुतले फूंके।
धरना संचालक दिनेश खापड़ ने कहा कि खरकगादियां, छातर व खापड़ गांव में ग्रामीणों ने अनुसूचित जाति के लोगों के साथ मारपीट कर सामाजिक बहिष्कार किया था। इस मामले में इन तीनों गांवों के आरोपियों के खिलाफ संबंधित पुलिस थानों में मामला दर्ज करवाया गया है, लेकिन अब तक इन आरोपियों पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके विरोध में अनुसूचित जाति विरोधी हरियाणा सरकार की गठबंधन सरकार के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार के पीड़ितों ने धरनास्थल से लेकर एसपी निवास तक रोष प्रदर्शन किया।
उनमें आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर लोगों में रोष है। इस पर सरकार के साथ-साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों के पुतलों को फूंका गया। दिनेश खापड़ ने बताया कि गांव खापड़ व छात्तर के अनुसूचित जाति समाज के लोगों का सवर्ण समाज के लोगों ने सामाजिक बहिष्कार कर रखा है, जो कि पूरी तरह से असंवैधानिक व गैरकानूनी है।
गांव खापड़ में तीन महीने और छात्तर में दो महीने दस दिन बीत गए, अभी तक सामाजिक बहिष्कार जारी है। इसलिए विरोध स्वरूप पीड़ित परिवार न्याय व आरोपियों की गिरफ्तारी करवाने के लिए 50 दिन से धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।