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फसल पंजीकरण के लिए सरपंच प्रति दिन करवाएंगे मुनादी

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किसानों को फसल का ब्योरा ऑनलाइन करने के लिए अधिकारियों से बैठक करते एसडीएम राजेश कोथ। - फोटो : Jind
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मेरी फसल, मेरा ब्योरा पंजीकरण को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ उपमंडल कार्यालय में एसडीएम राजेश कोथ ने बैठक की। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे टीमें बनाकर गांवों में जाएं और किसानों को फसलों के पंजीकरण के लिए अधिक से अधिक जोड़ने का प्रयास करें। फसलों के पंजीकरण के बारे में किसानों को जानकारी दें।
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एसडीएम ने कहा कि सरपंच हर रोज गांव में चौकीदार के माध्यम से मुनादी करवाएं कि किसान अपनी फसल का पंजीकरण गांव में सीएचसी (कॉमन सर्विस सेंटर) या मार्केट कमेटी कार्यालय में आकर करवाएं। फसल का पंजीकरण करवाने के बाद किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। फसल के पंजीकरण के बाद पता लग जाएगा कि कितनी फसल की बिजाई क्षेत्र में हुई है। फसल पंजीकरण करवाना बहुत जरूरी है, जिसका फायदा किसानों को होगा। सरसों, गेहूं की फसल का पंजीकरण करवाने की अंतिम तारीख 15 फरवरी है। उन्होंने कहा कि सरपंचों के सहयोग से अधिक से अधिक किसानों को ऑनलाइन फसल का पंजीकरण करवाने के लिए प्रेरित कर उनकी फसल का ब्योरा ऑनलाइन दर्ज करें। ऑनलाइन पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाते की पासबुक की फोटो कॉपी, जमीन की जानकारी के लिए नकल की कॉपी व फर्द की कॉपी, मुरब्बा और खसरा नंबर जरूरी है। किसानों को चाहिए कि वह अपनी फसल का पंजीकरण जरूर करवाएं। गांव में बने सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) पर भी किसान अपनी फसल का पंजीकरण करवा सकते हैं। इससे आने वाले गेहूं व सरसों के सीजन में किसानों को फसलों के उचित भाव मिलेंगे। इस मौके पर जोगिंद्र पैंसिया, कुलदीप बाजवा, राजेश शर्मा, सुरेश घोघड़ियां भी मौजूद रहे।
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