रविवार के बाद सोमवार का दिन भी दैनिक यात्रियों के लिए परेशानी लेकर ही आया। रोडवेज ने शनिवार को ही हड़ताल का एलान कर दिया था, इसके चलते जींद से कोई भी बस नहीं निकल सकी।अलसुबह चंडीगढ़ व दिल्ली के निकलने वाले यात्रियों को रोडवेज की हड़ताल के कारण भारी परेशानी झेलनी पड़ी। कुछ यात्रियों ने रेलवे स्टेशन का रुख किया तो कुछ घरों को लौट गए। हालांकि, मैक्सी कैब के जरिए परेशान होते हुए कुछ लोग अपनी मंजिल तक पहुंचे। वहीं, अब रोडवेज कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इसके बीच लोगों को राहत देते हुए निजी ऑपरेटरों ने मंगलवार से बस चलाने का फैसला लिया है। इससे करीब दो दर्जन लोकल रूटों पर 64 बसों का परिचालन हो सकेगा।
रोडवेज कर्मचारियों ने फरवरी 2017 की के परिवहन विभाग के पत्र के तहत चलाई गई बसों का विरोध करते हुए शनिवार को बस स्टैंड का गेट बंद रोष जताया था। इसके बाद रविवार सुबह रोडवेज और निजी ऑपरेटरों ने बस रोक कर एक दूसरे पर बस नहीं चलने देने के आरोप लगाए और दिन भर हड़ताल रखी। रोडवेज कर्मचारियों ने बस स्टैंड के दोनों गेटों पर बस खड़ी कर विरोध जताया।
आज से प्रदेश भर में चक्का जाम
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्य दलबीर किरमारा ने कहा कि सरकार निजी बसों को रोकने की बजाय उन्हें गलत तरीके से शह दे रही है। इसके विरोध में मंगलवार से प्रदेश भर में अनिश्चित कालीन हड़ताल की जाएगी।
निजी बसों के परमिट रद्द होने तक चलेगा आंदोलन
हड़ताल के दौरान बस स्टैंड परिसर में रोडवेज कर्मचारियों ने रोष सभा की। यहां ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्य दलबीर किरमारा ने कहा कि सरकार परिवहन कानून और अदालत के आदेशों को धता बताकर निजी बसों को परमिट दे रही है। निजी बसों के परमिट रद्द होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
रोडवेज को दो दिन में आठ लाख का नुकसान
रोडवेज कर्मचारियों की दो दिन की हड़ताल के चलते जींद डिपो को आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। डिपो के महाप्रबंधक आरएस पूनिया के अनुसार, रविवार को नरवाना व सफीदों में अधिकतर बसें बंद रहीं। इससे करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सोमवार को जिले भर में डिपो और सब डिपो बंद रहने से करीब छह लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
सरकारी परमिट का विरोध कर लोगों को परेशान कर रहे कर्मचारी
निजी बस ऑपरेटर सरकार द्वारा मिले परमिट के आधार पर बस चला रहे हैं। इसके बावजूद रोडवेज कर्मचारी हड़ताल कर लोगों को परेशान कर रहे हैं। रोडवेज कर्मचारी न तो अपनी बस चला रहे हैं और न ही परिवहन समिति की बसों को चलने दे रहे हैं। ऐसे में दी हरियाणा सहकारी परिवहन समिति कल्याण संघ मंगलवार से प्रदेश भर में सभी रूटों पर बस चलाएगा।
सुनील कुमार, राज्य प्रधान, दी हरियाणा सहकारी परिवहन समिति कल्याण संघ