लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग ने बिना पर्याप्त जानकारी दिए और स्थानीय लोगों की सहमति के बिना स्वास्थ्य केंद्र को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया।
वार्ड निवासी हरिओम, राजेंद्र, प्रकाश, लक्ष्मणदास, शेर सिंह आदि ने बताया कि लाइनपार कॉलोनी के तीन वार्डों में करीब छह हजार की आबादी रहती है। स्थानीय लोगों की सुविधा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने करीब दस वर्ष पहले यहां उप स्वास्थ्य केंद्र शुरू किया था।
केंद्र के संचालन के लिए वार्डवासियों ने स्वास्थ्य विभाग को निशुल्क जगह उपलब्ध कराने के साथ-साथ बिजली और पानी की सुविधा भी मुहैया करवाई थी। लंबे समय से कॉलोनी और आसपास के लोग इसी केंद्र से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा रहे थे।
लोगों ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र दूसरी जगह शिफ्ट होने के बाद बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर जाना पड़ रहा है। सामान्य जांच, दवाओं और अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब लाइनपार कॉलोनी में स्वास्थ्य केंद्र के लिए पहले से जगह और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं तो इसे दूसरी जगह शिफ्ट करने का कोई औचित्य नहीं है।
वार्डवासियों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि लाइनपार कॉलोनी में ही उप स्वास्थ्य केंद्र को दोबारा शुरू किया जाए, ताकि तीनों वार्डों के करीब छह हजार लोगों को घर के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
चौपाल में संचालन से आ रही थी परेशानी : एसएमओ
जुलाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एसएमओ डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र एक चौपाल में संचालित किया जा रहा था। चौपाल में सामूहिक कार्यक्रम आयोजित होने के कारण स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि यदि उप स्वास्थ्य केंद्र के दूसरी जगह शिफ्ट होने से वार्ड के लोगों को असुविधा हो रही है तो लाइनपार कॉलोनी में ही उप स्वास्थ्य केंद्र शुरू करने की व्यवस्था की जाएगी।