जींद। जींद में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर चल रहा है। चार दिनों पहले जींद देश का सबसे प्रदूषित शहर हो गया था। हालांकि इसके बाद प्रशासन ने कुछ कदम उठाए हैं और इसका असर भी दिख रहा है। शनिवार को जींद में एक्यूआई पीएम 344 दर्ज किया गया। चार दिनों पहले एक्यूआई 428 था। ऐसे में प्रशासन के उठाए कदमों का असर दिख रहा है।
वहीं, शनिवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने शनिवार दोपहर बाद इंस्पेक्टर राजबीर के नेतृत्व में रघुनगर कॉलोनी में दो बूरे की फैक्टरियों पर छापा मारा। हालांकि इन दोनों फैक्टरियों में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम को सब कुछ सही मिला, लेकिन इनके पास प्रदूषण विभाग की तरफ से जारी एनओसी नहीं मिली। इसके बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने इस संबंध में प्रदूषण विभाग की टीम को सूचित कर दिया।
इसके बाद प्रदूषण विभाग के एसडीओ मनीष यादव ने मौके पर पहुंचकर दोनों फैक्टरियों को बिना एनओसी के चलाकर प्रदूषण करने पर नोटिस दिया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने इन फैक्टरियों के दस्तावेजों तथा बूरे की क्वालिटी की जांच के लिए लगभग एक घंटा तक जांच की। इसके बावजूद इनमें सब कुछ सही मिलने पर प्रदूषण विभाग को इसकी जानकारी दी। जिसमें प्रदूषण विभाग ने बिना एनओसी के फैक्टरी चलाकर प्रदूषण फैलाने पर नोटिस भेजा है। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
छिड़काव से बढ़ रहा मर्ज
दरअसल पिछले कुछ दिनों से प्रशासन ने पानी का छिड़काव शुरू कराया है। सड़कों पर हो गाड़ियों के पहियों के साथ और अधिक मिट्टी आ रही है। यहां पानी सूखने के बाद यह मिट्टी और अधिक उड़ती है। इससे प्रदूषण का स्तर कुछ समय के लिए तो कम हो रहा है, लेकिन फिर बढ़ रहा है।
मिलेगी राहत
बढ़ते प्रदूषण के बीच सफीदों रोड पर सड़क निर्माण का काम जारी है। यहां खोदी गई सड़क से मिट्टी उड़ रही है। यह काम रविवार को पूरा हो जाएगा। इसके बाद यहां मिट्टी नहीं उड़ेगी और राहत मिलेगी।
पेड़ों पर जमी धूल
वहीं पेड़ों व पौधों पर जमी धूल जींद में प्रदूषण की स्थिति बयान कर रही है। सड़कों के किनारे पड़ों के पत्ते धूल के चलते हरे से सफेद हो चले हैं। हालांकि नगर परिषद ने पेड़ों पर व हवा में भी छिड़काव की योजना बनाई थी, लेकिन इस पर काम नहीं हुआ है।
पानी छिड़काव से सुधरी है हालत
नगर परिषद, जींद के मुख्य स्वच्छता निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने कहा कि शहर के भीतर नगर परिषद दिनभर पानी का छिड़काव करवा रही है। इससे हालत सुधरी है। पहले छिड़काव का परिणाम देखा जा रहा है, इसके बाद ही फायर ब्रिगेड से छिड़काव करवाया जाएगा।