11जेएनडी17: विश्व प्लंबर दिवस पर प्लंबरों को सम्मानित करते हुए आयोजक। स्रोत आयोजक
जींद। विश्व प्लंबर दिवस (11 मार्च) पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं जल और स्वच्छता सहायक संगठन ने बीडीपीओ कार्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया। मुख्य अतिथि विभाग के कार्यकारी अभियंता और नोडल अधिकारी भानु प्रकाश शर्मा रहे।
उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति और जल जीवन मिशन को सफल बनाने में प्लंबरों और फिटर की भूमिका अहम है। शर्मा ने कहा कि एक कुशल प्लंबर की लगन और मेहनत ही घर-घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना सुनिश्चित करती है। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 60 प्लंबरों और फिटर को सराहनीय सेवाओं के लिए प्रशंसा पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में आईटीआई के प्लंबर अनुदेशक जोगेंद्र सिंह और कारपेंटर अनुदेशक राजेश कुमार ने बताया कि समाज के स्वास्थ्य और सुरक्षा की रक्षा में प्लंबिंग पेशेवरों का योगदान अतुलनीय है। प्लंबिंग कार्य में मुख्य रूप से पांच प्रकार के पाइपों का उपयोग किया जाता है और लीकेज को समय पर ठीक करना जल संरक्षण की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।
रसोई से लेकर सीवेज सिस्टम तक, सही पाइप का चयन और सटीक फिटिंग ही व्यवस्था को सुचारू बनाए रखती है। इस मौके पर खंड समन्वयक दिनेश मलिक (जींद), सुरेंद्र नरवाल (नरवाना), सुरेंद्र दुग्गल (पिल्लूखेड़ा), बलवान सिंह आर्य (सफीदों), ईश्वर सिंह (अलेवा), कुशल शर्मा (उचाना) और सोमलता सैनी (जुलाना) ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने पेयजल की जांच, रखरखाव, संरक्षण और बिजली से संबंधित सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इलेक्ट्रिक फोरमैन सुरेंद्र कुमार ने भी तकनीकी सहयोग के बारे में चर्चा की। उन्होंने संदेश दिया कि प्लंबर केवल पाइप जोड़ने वाले मिस्त्री नहीं, बल्कि समाज के स्वास्थ्य प्रहरी हैं जो दूषित पानी और बीमारियों से हमारी रक्षा करते हैं।