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बोहतवाला में लोगों ने लगाया जाम रामराये में बैंक के बाहर नारेबाजी

Fri, 23 Dec 2016 12:25 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
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पीएनबी रामराये के बाहर नारेबाजी करते ग्रामीण। - फोटो : jind
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नोटबंदी के 44 दिन बाद भी हालात सामान्य होने की बजाय गंभीर हो रहे हैं। अब तक सरकार के फैसले का स्वागत कर रहे लोग अब कैश के लिए सड़क पर आ रहे हैं। वीरवार को जिले में कैश को लेकर लोगों ने विरोध किया। गांव बोहतवाला में लोगों को बैंक से कैश नहीं मिला तो उन्होंने जींद-दालमवाला मार्ग जाम कर दिया। वहीं, रामराये में बैंक से कैश नहीं मिलने पर लोगों ने नारेबाजी की। इसके साथ ही सिंधवीखेड़ा गांव में दोपहर तक कैश का इंतजार कर जाम लगाने की योजना बनाई, लेकिन तभी कैश पहुंच गया।
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बोहतवाला गांव स्थित एसबीओपी शाखा से कैश नहीं मिलने के कारण वीरवार सुबह काफी संख्या में बैंक उपभोक्ता जींद-दालमवाला मार्ग पर बैंक के बाहर एकत्र हो गए। काफी समय तक बैंक के आगे लाइनों में लगने के बाद भी जब उपभोक्ताओं को बैंक से कैश नहीं मिला तो ग्रामीण उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने बैंक प्रबंधक तथा जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जींद-दालमवाला लिंक मार्ग जाम कर दिया। बैंक उपभोक्ताओं का कहना है कि जल्द कैश लेने के लिए वे सुबह छह बजे से बैंक तथा एटीएम के बाहर कैश के लिए लाइन लगाए हुए हैं। ग्रामीणों के पास कैश नहीं होने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। बिना कैश के उनके काम अटके हुए हैं। बैंक अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को नकदी उपलब्ध करवाने की बात कही थी लेकिन बावजूद इसके बैंक प्रबंधन द्वारा ग्रामीणों को नकदी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। जाम लगने की सूचना पाकर सदर थाना प्रभारी रोहताश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उपभोक्ताओं को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। करीब 40 मिनट लगे जाम से लोगों को भारी परेशानी हुई।

बैंक अधिकारियों पर गड़बड़ी के आरोप, हंगामा
दूसरी ओर, रामराये गांव में पंजाब नैशनल बैंक की शाखा के बाहर उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। हंगामा करने वाले लोगों का आरोप है कि बैंक में कैश होने के बावजूद उन्हें नहीं दिया जा रहा है। लोगों ने अपने स्तर पर एक दिन में एक ही गांव के लोगों को कैश देने की व्यवस्था कर रखी है। इसके हिसाब से लोगों का कहना है कि यहां कैश के लिए वीरवार को गुलकनी गांव के लोगों की बारी थी। यहां कैश के लिए लोग सुबह से लाइन में लगे थे। 10 बजे के बाद जब बैंक में कैश आया तो लोगों से अधिकारियों ने यह कहा कि कैश नहीं है। इसी बीच लोगों ने बैंक में कैश वैन को कैश लेकर आते हुए देख लिया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बैंक अधिकारी और कर्मचारी पिछले दरवाजे से जान-पहचान के लोगों को कैश बांट रहे हैं। इस पर लोग भड़क गए और उन्होंने बैंक के बाहर काफी देर तक हंगामा किया। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि हंगामा होने के बाद बैंक कर्मचारियों ने उन्हें 500 से 1000 रुपये तक दिए जाने की बात कही।
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सभी आरोप निराधार
सुबह से ही करीब 200 लोग लाइन में लगे थे। इसके चलते सभी को कैश मुहैया करवाने के लिए दो-ढाई हजार रुपये देने की बात कही गई, लेकिन लोग चार हजार रुपये देने की जिद्द पर अड़े रहे। यहां तक कि गांव के प्रमुख लोगों ने भी सभी को कैश देने के लिए कम भुगतान की बात की, लेकिन लोग नहीं माने। ऐसे में जो कैश था, वह 135 लोगों में बंट गया। इसके बाद बैंक में कैश नहीं बचा
-मोहन लाल मित्तल, शाखा प्रबंधक, पीएनबी रामराये

लोग सुबह से ही बैंक की लाइन में लगे थे, लेकिन बैंक में कैश नहीं पहुंचा। लोगों की मौजूदगी में अधिकारियों को फोन किया गया, इसमें दोपहर बाद कैश मिलने की उम्मीद जताई गई। इसके बावजूद लोगों ने रोड जाम किया।
पंकज ब्यास, शाखा प्रबंधक एसबीओपी बोहतवाला

गांवों में पहुंचे दो करोड़ 60 लाख शहर खाली
नोटबंदी के बीच वीरवार को पीएनबी को दो करोड़ 60 लाख रुपये का कैश मिला, लेकिन यह ग्रामीण शाखाओं में भेजा गया। जिले में कुल 139 बैंक शाखाएं हैं, इनमें से करीब 50 शाखाएं पीएनबी की हैं। वीरवार को जिले के अधिकतर एटीएम और बैंक नकदी के संकट से जूझते रहे। इसके चलते लोग बिना कैश लिए ही वापस लौटे।

नोटबंदी के 44 दिन बाद भी हालात सामान्य होने की बजाय गंभीर हो रहे हैं। अब तक सरकार के फैसले का स्वागत कर रहे लोग अब कैश के लिए सड़क पर आ रहे हैं। वीरवार को जिले में कैश को लेकर लोगों ने विरोध किया। गांव बोहतवाला में लोगों को बैंक से कैश नहीं मिला तो उन्होंने जींद-दालमवाला मार्ग जाम कर दिया। वहीं, रामराये में बैंक से कैश नहीं मिलने पर लोगों ने नारेबाजी की। इसके साथ ही सिंधवीखेड़ा गांव में दोपहर तक कैश का इंतजार कर जाम लगाने की योजना बनाई, लेकिन तभी कैश पहुंच गया।

बोहतवाला गांव स्थित एसबीओपी शाखा से कैश नहीं मिलने के कारण वीरवार सुबह काफी संख्या में बैंक उपभोक्ता जींद-दालमवाला मार्ग पर बैंक के बाहर एकत्र हो गए। काफी समय तक बैंक के आगे लाइनों में लगने के बाद भी जब उपभोक्ताओं को बैंक से कैश नहीं मिला तो ग्रामीण उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने बैंक प्रबंधक तथा जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जींद-दालमवाला लिंक मार्ग जाम कर दिया। बैंक उपभोक्ताओं का कहना है कि जल्द कैश लेने के लिए वे सुबह छह बजे से बैंक तथा एटीएम के बाहर कैश के लिए लाइन लगाए हुए हैं। ग्रामीणों के पास कैश नहीं होने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। बिना कैश के उनके काम अटके हुए हैं। बैंक अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को नकदी उपलब्ध करवाने की बात कही थी लेकिन बावजूद इसके बैंक प्रबंधन द्वारा ग्रामीणों को नकदी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। जाम लगने की सूचना पाकर सदर थाना प्रभारी रोहताश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उपभोक्ताओं को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। करीब 40 मिनट लगे जाम से लोगों को भारी परेशानी हुई।

बाक्स
बैंक अधिकारियों पर गड़बड़ी के आरोप, हंगामा
दूसरी ओर, रामराये गांव में पंजाब नैशनल बैंक की शाखा के बाहर उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। हंगामा करने वाले लोगों का आरोप है कि बैंक में कैश होने के बावजूद उन्हें नहीं दिया जा रहा है। लोगों ने अपने स्तर पर एक दिन में एक ही गांव के लोगों को कैश देने की व्यवस्था कर रखी है। इसके हिसाब से लोगों का कहना है कि यहां कैश के लिए वीरवार को गुलकनी गांव के लोगों की बारी थी। यहां कैश के लिए लोग सुबह से लाइन में लगे थे। 10 बजे के बाद जब बैंक में कैश आया तो लोगों से अधिकारियों ने यह कहा कि कैश नहीं है। इसी बीच लोगों ने बैंक में कैश वैन को कैश लेकर आते हुए देख लिया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बैंक अधिकारी और कर्मचारी पिछले दरवाजे से जान-पहचान के लोगों को कैश बांट रहे हैं। इस पर लोग भड़क गए और उन्होंने बैंक के बाहर काफी देर तक हंगामा किया। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि हंगामा होने के बाद बैंक कर्मचारियों ने उन्हें 500 से 1000 रुपये तक दिए जाने की बात कही।

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सभी आरोप निराधार
सुबह से ही करीब 200 लोग लाइन में लगे थे। इसके चलते सभी को कैश मुहैया करवाने के लिए दो-ढाई हजार रुपये देने की बात कही गई, लेकिन लोग चार हजार रुपये देने की जिद्द पर अड़े रहे। यहां तक कि गांव के प्रमुख लोगों ने भी सभी को कैश देने के लिए कम भुगतान की बात की, लेकिन लोग नहीं माने। ऐसे में जो कैश था, वह 135 लोगों में बंट गया। इसके बाद बैंक में कैश नहीं बचा
-मोहन लाल मित्तल, शाखा प्रबंधक, पीएनबी रामराये

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लोग सुबह से ही बैंक की लाइन में लगे थे, लेकिन बैंक में कैश नहीं पहुंचा। लोगों की मौजूदगी में अधिकारियों को फोन किया गया, इसमें दोपहर बाद कैश मिलने की उम्मीद जताई गई। इसके बावजूद लोगों ने रोड जाम किया।
पंकज ब्यास, शाखा प्रबंधक एसबीओपी बोहतवाला

बॉक्स
गांवों में पहुंचे दो करोड़ 60 लाख शहर खाली
नोटबंदी के बीच वीरवार को पीएनबी को दो करोड़ 60 लाख रुपये का कैश मिला, लेकिन यह ग्रामीण शाखाओं में भेजा गया। जिले में कुल 139 बैंक शाखाएं हैं, इनमें से करीब 50 शाखाएं पीएनबी की हैं। वीरवार को जिले के अधिकतर एटीएम और बैंक नकदी के संकट से जूझते रहे। इसके चलते लोग बिना कैश लिए ही वापस लौटे।
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नहीं मिल रहा कैश
जिलेभर में कैश की किल्लत है। इस कारण उपभोक्ताओं को दिक्कत आ रही है। जो भी कैश मिलता है, उसे बैंकों की क्षमता के हिसाब से बांट दिया जाता है।
एमके झा, एलडीएम
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