11जेएनडी25: नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए आए मरीज। संवाद
जींद। नागरिक अस्पताल में मंगलवार से ओपीडी की पर्ची ऑनलाइन शुरू हो गई। कई दिन से बैटरी व्यवस्था ठप होने से यह व्यवस्था बंद थी। पर्ची से लेकर अन्य काम ऑफलाइन ही चल रहे थे। अब स्वास्थ्य विभाग ने 2.70 लाख रुपये की लागत से खराब बैटरी सेट बदल दिए हैं।
नागरिक अस्पताल में बंद कंप्यूटर सिस्टम अब पहले की तरह काम करने लगे हैं। ऑनलाइन सिस्टम शुरू होने से कंप्यूटर ऑपरेटरों ने भी राहत की सांस ली है। अब तक ऑफलाइन पर्ची दिए जाने से समय अधिक लग रहा था।
वहीं स्लिप पर मरीजों की पुरानी डिटेल भी नहीं आ पा रही थी। बस ओपीडी नंबर डाल कर मरीजों को दिया जा रहा था। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1800 तक की ओपीडी होती है। अस्पताल सुबह नौ बजे खुलता है।
अस्पताल खुलने से पहले ही मरीज आना शुरू हो जाते हैं। एक सप्ताह पहले कंप्यूटर सेट चलाने के लिए रखी गई बैटरियां जवाब दे गई थी। जिसके चलते सिस्टम ठप हो गया था। मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने मैनुअल पर्ची काटना शुरू कर दिया था। खराब बैटरी ठीक करवाने के लिए तीन लाख के बजट की दरकार थी।
लंबी लाइनों से परेशान थे मरीज
ऑनलाइन एंट्री न होने से मरीजों को ओपीडी की स्लिप लेने में काफी समय लगता था। इसके बाद चिकित्सकों के कमरे के बाहर और फिर दवा खिड़की पर लगने वाली लंबी लाइनें में लगना पड़ता था। बजट उपलब्ध होते ही खराब बैटरियों को बदला गया और उनकी जगह नई बैटरियों को रखा गया।
वर्जन
बैटरी खराब होने से कंप्यूटर सेट नहीं चल पा रहे था। इनको बदल दिया गया है। जिसके बाद ऑनलाइन ओपीडी स्लिप काटनी शुरू हो गई हैं। मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। -डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल, जींद