हरियाणा के जींद जिले के गांव लोहचब में नशे पर प्रतिबंध लगाने के लिए पंचायत ने गांव में नशा बेचने वालों पर 71 हजार रुपये जुर्माना तथा नशा बेचते पकड़वाने वाले को 20 हजार रुपये इनाम देने का फैसला लिया है। इसको लेकर पंचायत ने कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में गांव की प्रत्येक जाति से दो-दो लोगों को शामिल किया गया है। यह कमेटी गांव में नशे का कारोबार करने वाले लोगों पर नजर रखेंगी और पंचायत को उनके नामों से अवगत करवाएगी।
लोहचब गांव में बढ़ते नशे के कारोबार को देखते हुए मंगलवार को गांव के शिव मंदिर में पंचायत निवर्तमान सरपंच हरनारायण, जिला परिषद के उपाध्यक्ष उमेद रेढू, अधिवक्ता ईश्वर की संयुक्त अध्यक्षता में हुई। पंचायत में गांव की सभी जातियों के लोग शामिल हुए। पंचायत में गांव में बढ़ रहे नशा के कारोबार पर मंथन हुआ। लोगों का कहना था कि गांव के जाति विशेष के कुछ लोग नशे का कारोबार कर रहे हैं। जिसमें औरतें भी शामिल हैं। सड़कों पर खड़े होकर महिलाओं को नशा बेचते देखा जा सकता है। नशेड़ियों का आवागमन भी गांव में लगा रहता है।
नशे के कारोबार का प्रभाव गांव के लोगों पर भी पड़ रहा है और गांव की छवि भी खराब हो रही है। जिसे ग्रामीण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। नशे के कारोबारियों के खिलाफ पुलिस द्वारा चलाई जा रही मुहिम में पूरा सहयोग देने का निर्णय पंचायत द्वारा लिया गया। जिला परिषद के निर्वतमान उपप्रधान उमेद रेढू ने बताया कि पंचायत में नशा कारोबारियों पर 71 हजार जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है।
20 हजार रुपये उस व्यक्ति को इनाम दिया जाएगा जो नशा बेचने वाले को पकड़वाएगा। नशेड़ी लोग गांव के खेतों से लाखों रुपये कीमत की केबल और अन्य बिजली उपकरण चोरी कर नशे की पूर्ति करते हैं। अब निर्णय लिया गया है कि अगर कोई व्यक्ति गांव में नशा बेचता पाया जाता है न केवल उसे जुर्माना लगेगा बल्कि पुलिस के हवाले भी किया जाएगा। इस अवसर पर ख्याली राम, धर्मपाल, राजबीर, धर्मबीर, रामनिवास नंबरदार व सरदारा मौजूद रहे।
सुबह पंचायत में रोक का लिया फैसला सायं को कमेटी ने दो लोगों को पकड़ा
लोहचब गांव में कमेटी ने मंगलवार को लिए फैसले के बाद नशा बेचने व खरीदने वालों पर सख्ती बरती तो सायं को दो व्यक्ति गांव में नशा खरीदने के लिए घूम रहे थे। जिनको ग्रामीणों ने दबोच लिया। कमेटी के लोगों ने कहा कि गांव में जो भी संदिग्ध व्यक्ति आएगा उसको प्रत्येक ग्रामीण गांव में आने का कारण पूछकर नशे रोकने के कार्य में सहयोग करे, ताकि पंचायत के फैसले का गांव में सम्मान रखा जा सके ।
गांव में वर्षों से बिक रहा था बड़ी मात्रा में नशा
लोहचब गांव पिछले लंबे समय से नशे का बड़ा अड्डा बना हुआ था, जहां पर कुछ महिला व पुरुष घरों से लेकर सड़कों पर आकर सरेआम सभी नशीले पदार्थों की ब्रिकी करते थे। इनको अगर गांव का कोई व्यक्ति रोकने का प्रयास करता तो ग्रामीणों के साथ विवाद तथा उन पर गंभीर आरोप लगाते थे। जिसके चलते गांव का कोई भी व्यक्ति इनको रोकने के लिए आए नहीं आता था और गांव में नशे का प्रकोप लगातार बढ़ रहा था।