उचाना। नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध नहीं है। बीते रविवार को यहां से 20 ऑक्सीजन सिलिंडर जींद नागरिक अस्पताल में रिफिल के लिए भेजे गए थे, लेकिन वहां से आज तक नहीं लाए गए हैं। यहां पर मरीजों को अगर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ जाए तो कोई व्यवस्था नहीं है। सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी के साथ-साथ बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों का कहना है कि उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के खुद के हलके के नागरिक अस्पताल में ये हालात हैं तो दूसरे अस्पतालों में क्या होगा।
उचाना के नागरिक अस्पताल में हर रोज पांच से सात मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिनका ऑक्सीजन लेवल 80 के आसपास होता है। ऐसे मरीजों को तुरंत ऑक्सीजन की जरूरत होती है, लेकिन नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन की किल्लत के चलते उन्हें जींद रेफर करना पड़ रहा है। चंद्रपाल शर्मा ने बताया कि उनका छोटा बेटा कोरोना पॉजिटिव है। खांसी होने के साथ-साथ उसको सांस लेने में परेशानी है। उचाना नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर के बारे में पूछा तो यहां पर ऑक्सीजन सिलिंडर ही नहीं मिले। जींद में कई प्राइवेट अस्पताल में गए, लेकिन वहां भी ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं मिले। सुरेंद्र, बलवान, नरेंद्र, दीपक ने कहा कि उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को जींद व सोनीपत जिले का कोविड-19 की स्वास्थ्य प्रबंधों का जायजा लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उचाना हलके के नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर तक नहीं है तो ऐसे में मरीजों का कैसे उपचार होगा।
नागरिक अस्पताल एमओ डॉ. सुशील गर्ग ने बताया कि जींद नागरिक अस्पताल में 20 ऑक्सीजन सिलिंडर रीफिलिंग के लिए भेजे गए हैं, जिनमें 18 छोटे और दो बड़े सिलिंडर शामिल हैं। अब तक कोई ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिल होकर नहीं आया है। यहां पर ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीज को जींद रेफर किया जाता है।