जींद। शनिवार को जिले में 55 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिले में इसके साथ ही संक्रमितों की संख्या 2014 हो गई है। वहीं जिले में 30 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 1575 लोग कोरोना को मात देकर ठीक हो चुके हैं। जिले में फिलहाल 409 एक्टिव मामले हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 6 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 403 मरीज होम आइसोलेट किए गए हैं। एक्टिव केसों में से करीब 99.2 फीसदी मरीज होम आइसोलेट हैं।
सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि जिले में धीरे-धीरे कोरोना की रफ्तार कम हो रही है। कोरोना को लेकर लोग यदि गंभीर हो जाएं तो कोरोना को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है। जिले का रिकवरी रेट भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को खुद आगे आकर अपनी कोरोना जांच करवानी चाहिए। आजकल बच्चे भी स्कूलों में जा रहे हैं, इसलिए हमें और अधिक सावधानी बरतने की जरुरत है। बुजुर्गों व बच्चों को हमें घर में विशेष रुप से सावधानी के साथ रखना होगा। यदि कोई परिवार का सदस्य घर से बावहर गया हो तो वह घर पर आते ही स्नान करकेहअपने कपड़े बदले। इसके बाद ही परिवार के अन्य लोगों के पास जाए। यदि कोई घर में पॉजिटिव व्यक्ति है तो उसको पूरी तरह से अलग कमरे में रखना होगा। उसके बर्तन तथा कपड़े भी अलग रखने चाहिए। परिवार का एक ही सदस्य उसकी देखभाल करे। घर में पॉजिटिव व्यक्ति को हमेशा मास्क लगाए रखना चाहिए।
सितंबर के 26 दिनों में हुई 21 मौतें
जिले में संक्रमण का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश में मार्च महीने में लॉकडाउन लगा। इस दौरान संक्त्रस्मित मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ी। इसके बाद अनलॉक में संक्रमितों के आंकड़े ने गति पकड़ी और अगस्त के अंत तक 705 मरीज हो गए। हालांकि इस दौरान 382 ने कोरोना को हराया। सितंबर महीने के साथ ही संक्रमण ने अपने पांव पसारने शुरू किए। सिर्फ 26 दिनों में ही 1309 मरीज बढ़ गए। यानि रोज औसतन 50 मरीज मिलने लगे। प्रशासन और सरकार की ओर से लगातार गाइडलाइन जारी होती रही लेकिन लोगों ने लापरवाही बरती जिस कारण संक्रमण बढ़ता गया। अगस्त में जहां मौत का आंकड़ा सिर्फ 9 था। अकेले सितंबर में 21 लोगों ने अपनी जान गंवाई।