20जेएनडी38: इनेलो पार्टी कार्यालय में पहुंचने के बाद रजिस्टर में हस्ताक्षर करते ओपी चौटाला । फा
जींद। प्रदेश के कद्दावर नेता रहे पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला का जींद से गहरा नाता रहा था।
जींद जिले की नरवाना विधानसभा से वह दो बार चुनाव लड़े। इसमें पहला चुनाव जीतकर प्रदेश के सीएम बने थे। इसके बाद अगला चुनाव कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला से हार गए थे। चुनाव हारने के बाद नरवाना सीट आरक्षित हो गई। इसके बाद 2009 का चुनाव उचाना से लड़े और यहां पर कांग्रेस नेता वीरेंद्र सिंह को 621 मतों से हराकर जींद जिले की सभी सीटों पर इनेलो के उम्मीदवार जितवाए।
जींद में ओमप्रकाश चौटाला की पकड़ मजबूत होने के कारण 2009 में कांग्रेस के सभी बड़े चेहरों को सामान्य कार्यकर्ताओं को इनेलो के टिकट पर चुनाव लड़वाकर हरवाया। इस दौरान जींद विधानसभा से पूर्व मंत्री रहे मांगेराम गुप्ता को सामान्य कार्यकर्ता स्व. डॉ. हरिचंद मिड्ढा से हरवाया। उचाना में खुद वीरेंद्र सिंह को 621 मतों से हराया।
सफीदों में कलीराम पटवारी ने आजाद उम्मीदवार पूर्व मंत्री बच्चन सिंह आर्य को हराया, जुलाना में परमेंद्र सिंह ढुल ने आईजी शेरसिंह को हराया, नरवाना में इनेलो के पिरथी नंबरदार ने कांग्रेस नेता रामफल लोट को हराया था। इ
सके बाद ओमप्रकाश चौटाला को जेबीटी भर्ती घोटाले में वर्ष 2013 में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट की तरफ से दोषी करार देकर दस वर्ष की सजा सुनाई गई। इसके बाद भी जींद में इनेलो का दबदबा कायम रहा। 2014 में इनेलो ने विधानसभा की तीन सीटें जीतीं। इसमें एक सीट भाजपा उम्मीदवार प्रेमलता ने दुष्यंत चौटाला को हराया तो सफीदों में आजाद उम्मीदवार से इनेलो के कलीराम हार गए थे।
20जेएनडी38: इनेलो पार्टी कार्यालय में पहुंचने के बाद रजिस्टर में हस्ताक्षर करते ओपी चौटाला । फा