संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। हरियाणा सरकार ने व्यापारियों और उद्यमियों को राहत देते हुए एकमुश्त निपटान योजना-2026 लागू की है। यह योजना एक जून से 28 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत विभिन्न कर अधिनियमों के अंतर्गत लंबित कर बकाया मामलों का सरल और सुविधाजनक तरीके से निपटान किया जा सकेगा। यह जानकारी उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त विजेंद्र सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में लागू योजना को व्यापारियों का अच्छा समर्थन मिला था। इसी सफलता को देखते हुए सरकार ने यह योजना दोबारा लागू की है। यह सात कराधान अधिनियमों के तहत लंबित मामलों पर लागू होगी। इसका उद्देश्य पुराने कर विवादों को समाप्त कर व्यापारियों को राहत देना और विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
जिन करदाताओं पर किसी वर्ष का कर बकाया एक लाख रुपये तक है, उन्हें आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे मामलों में कर, ब्याज और जुर्माना पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा, जिससे छोटे व्यापारियों और लघु उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा।
एक लाख रुपये से अधिक के मामलों में कर राशि पर 30 से 60 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी, जबकि ब्याज और जुर्माने में 100 प्रतिशत तक राहत मिलेगी। एक लाख से 10 लाख रुपये तक के बकाये पर 60 प्रतिशत, 10 लाख से एक करोड़ तक 50 प्रतिशत, एक करोड़ से 10 करोड़ तक 40 प्रतिशत, 10 करोड़ से 30 करोड़ तक 35 प्रतिशत और 30 करोड़ से 60 करोड़ रुपये तक 30 प्रतिशत कर छूट का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि अपील या न्यायालयों में लंबित मामले भी योजना के दायरे में आएंगे, हालांकि लाभ लेने के लिए संबंधित अपनी अपील या मुकदमा वापस लेना होगा।