जींद। आशा वर्कर्स यूनियन (सीटू) की हड़ताल मंगलवार को लघु सचिवालय के बाहर 15वें दिन भी जारी रही। मंगलवार को धरने की अध्यक्षता जिला सचिव राजबाला, मंजू व सुनीता ने की। आशा कार्यकर्ताओं ने हड़ताल 29 अगस्त तक बढ़ा दी है।
धरना सभा में जिला प्रधान नीलम ने कहा कि प्रदेश भर की 20 हजार आशा कायर्यकर्ता मांगों को लेकर 15 दिनों से हड़ताल पर हैं। मुख्यमंत्री बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ व महिला सशक्तीकरण पर भाषण देते हैं लेकिन बेटियों व महिलाओं की बात तक नहीं सुनते। इसके चलते सरकार की तानाशाही से आशाओं में रोष है। उन्होंने कहा कि समय रहते उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे आरपार की लड़ाई लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं के 28 अगस्त के विधानसभा कूच को सफल बनाने के लिए पीएचसी स्तर पर कमेटियों का गठन किया गया। यह कमेटियां कार्यक्रम की तैयारी करेंगी। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को न्यूनतम वेतन 26 हजार देने, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, ईएसआई व ईपीएफ का लाभ देने, रिटायरमेंट की उम्र 65 साल कर पेंशन का लाभ देने की मांग की। इस मौके पर किरण, नीलम पिंडारा, बिमला, जगवंती, उषा, प्रीति, मीना मौजूद थीं।