जुलाना। बारदाना नहीं मिलने से जुलाना की अनाज मंडी में लगभग 50 हजार क्विंटल गेहूं बारिश में भीगने के कारण खराब हो गया। यह गेहूं मंडी में खुले में पड़ा सड़ रहा है, लेकिन अब तक बारदाना उपलब्ध नहीं हो सका है। गेहूं खराब होने से आढ़तियों में रोष है। अनाज मंडी में अब तक नौ लाख 1274 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है, लेकिन बारदाना नहीं मिलने के कारण उठान का काम नहीं हो रहा।
मंडी में अब भी दो लाख 35 हजार 48 क्विंटल गेहूं का उठान नहीं हो पाया है। आढ़तियों ने आरोप लगाया कि मंडी में समय पर बारदाना मुहैया नहीं करवाया गया। इसके चलते आढ़तियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आढ़तियों की मांग है कि उन्हें नुकसान का मुआवजा दिया जाए। वहीं, दूसरी ओर जुलाना में किसानों की 72 घंटे में फसल की पेमेंट मिलने के दावे भी हवा हवाई साबित हो रहे हैं। पोली गांव निवासी किसान दशरथ ने बताया कि उसने 18 अप्रैल को गेहूं मंडी में डाली थी, लेकिन अभी तक उसे गेहूं की राशि नहीं मिली है। वह आढ़ती के पास जाता है तो लॉकडाउन का हवाला देकर उसे लौटा दिया जाता है। उसे भुगतान के लिए बार-बार चक्कर काटने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
मंडी में बारदाना नहीं मिलने के कारण आढ़तियों को लाखों रुपयों का नुकसान हुआ है। अभी भी मंडी में बारदाना नहीं है। सरकार के 72 घंटे में भुगतान के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। खराब हुए गेहूं का आढ़तियों को मुआवजा दिया जाए।
--राजपाल लाठर, जिला प्रधान आढ़ती एसोसिएशन जींद।
मंडी में बारदाना समय पर पहुंच गया था। राशि भी किसानों के खातों में डाली जा रही है। कुछ किसानों की पेमेंट में समय लग गया था। फिलहाल किसी किसान की राशि बाकी नहीं है।
-अमरदीप, मैनेजर वेयर हाउस जुलाना।