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अस्पताल पहुंचाने के लिए लोगों से मदद मांगते रहते घायलों के साथी पर कोई नहीं आया आगे

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हादसे के बारे में जानकारी देते प्रत्यदर्शी। - फोटो : Jind
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शादी समारोह में वेटर का काम करने जा रहे दो युवकों समेत तीन लोगों की कर्मगढ़ गांव के पास तेज रफ्तार स्विफ्ट कार द्वारा रौंदने से हुई मौत के दौरान अगर आसपास के लोगों व राहगीरों की मदद मिलती तो मोहित की जान बचाई जा सकती थी। मगर मोहित के साथी संदीप और बादशाह ने कह कि वे लोगों से मदद की गुहार लगाते रहे मगर कोई मदद के लिए सामने नहीं आया। सभी आठ लोग रोजीरोटी के लिए हिसार के भकलाना जा रहे थे और वाहन के इंतजार में ठंड से बचने का प्रयास कर रहे थे, मगर ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था।
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शनिवार सुबह सात बजे शहर की अजमेर बस्ती निवासी आठ लोग घर से हिसार जिले के गांव भकलाना में होने वाली शादी समारोह में वेटर का काम करने के लिए जा रहे थे। जींद से कर्मगढ़ तक आठों लोग ऑटो में बैठकर गए। कर्मगढ़ से भकलाना जाने के लिए अन्य गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान ऑटो में सफर करने की वजह से शरीर काफी ठंडा हो चुका था। ठंड से बचने के लिए वह कर्मगढ़ बस अड्डे पर चाय की दुकान पर पहुंचकर जल रहे अलाव के पास खड़े हो गए। साढ़े सात बजे जब वह अलाव ताप रहे थे तो जींद से भिवानी की ओर जा रही पंजाब नंबर की स्विफ्ट कार ने उन्हें रौंद दिया। इसमें अजमेर बस्ती निवासी राजू (55), उसके 24 वर्षीय बेटे मोनू और एक अन्य किशोर मोहित (17) की मौत हो गई, जबकि सोनू, सतीश व अमरूदीन गंभीर रूप से घायल हो गए। संदीप और बादशाह को मामूली चोटें आई हैं। सोनू, सतीश और अमरूदीन की हालात गंभीर देखते हुए उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। सदर थाना प्रभारी सुरेंद्र ने कहा कि अजमेर बस्ती निवासी संदीप व बादशाह के बयान के आधार पर गाड़ी चालक पंजाब के संगरूर निवासी हरदीप के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
मोहित को मां ने काम पर जाने से रोका पर नहीं माना
दसवीं कक्षा में पढ़ने वाला दो बहनों का इकलौता भाई मोहित अपनी मां से काम पर जाने की बात कही तो मां ने मना कर दिया। इसके बावजूद भी मोनू ने मां की बात नहीं मानी और कुछ देर काम करके जल्द आने की बात कहकर घर से निकल गया। मोहित रविवार की छुट्टी होने के चलते काम पर जाना चाहता था। इस हादसे ने मोहित के परिवार को ऐसा दर्द दिया है जो कभी भी कम नहीं हो सकता।
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हर बार एक साथ काम पर जाते थे पिता-पुत्र
राजू और उसका बेटा मोनू शादी समारोह में वेटर का काम करते थे। दोनों पिता-पुत्र हर बार एक साथ शादी समारोह में जाकर काम करते थे। कई वर्षों से दोनों यह काम कर रहे थे। इस सड़क हादसे ने दोनों की जिंदगी छीन ली। मोनू की अभी शादी नहीं हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाया आंखों देखा हाल
शादी समारोह में एक साथ जाने वाले आठों में से संदीप व बादशाह ने कहा कि वह जींद भिवानी रोड से एक आटो में बैठकर कर्मगढ़ पहुंच थे। आगे भकलाना जाने के लिए दूसरे ऑटो या फिर किसी अन्य वाहन का इंतजार कर रहे थे। आटों में सफर करने की वजह से सभी को सर्दी लगी हुई थी। राजू ने कहा कि जब तक कोई वाहन नहीं आता, साथ में चाय की दुकान के पास आग जली हुई है, इसके पास चलते हैं। अलाव के पास खड़े हुए उन्हें केवल पांच मिनट ही हुए थे कि जींद से भिवानी की तरफ जा रही अनियंत्रित कार सवार ने छह को अपने चपेट में ले लिया। इसमें उसे भी चोटें आईं और अलाव ताप रहे राजू, मोनू, मोहित, सोनू, सतीश, अमरूदीन तथा बादशाह घायल हो गए। बादशाह व संदीप ने कहा कि किसी भी राहगीर ने दुर्घटना में घायल हुए लोगों की मदद नहीं की। आधा घंटे तक वह दोनों आने-जाने वाले वाहन चालकों से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी वाहन चालक ने उनकी मदद नहीं की। बादशाह व संदीप के अनुसार जब आधा घंटे तक किसी राहगीर ने उनकी मदद नहीं की तो एंबुलेंस को बुलाया गया। घायलों को एंबुलेंस में चढ़ाने के लिए आसपास के लोगों ने मदद नहीं की। उन्होंने कहा कि जब हादसा हुआ था, उस समय मोहित जिंदा था, उसकी सांसे चल रही थीं। अगर कोई राहगीर या आसपास के लोग अपने वाहनों में मोहित को इलाज के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचा देते तो शायद उसकी जान बच जाती।

अलाव ताप रहे छह लोगों को रौंदने के बाद सड़क किनारे पानी में पलटी कार।- फोटो : Jind

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