लोगों के कोरोना जांच के लिए सैंपल लेती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद
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15 महीने बाद जिले को कोरोना से बड़ी राहत मिली है। रविवार को जिले में एक भी कोरोना पॉजिटिव मामला नहीं बचा। दूसरी लहर के दौरान इस वर्ष अप्रैल में सबसे अधिक 7705 लोग पॉजिटिव हुए थे। वहीं इसी महीने 381 लोगों की मौत भी हुई। अप्रैल में जिले को कोरोना ने जितना नुकसान पहुंचाया उतना नुकसान पहली लहर के दौरान भी नहीं हुआ। जिले में अब तक 21190 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 536 की मौत हो चुकी है, जबकि 20654 लोग ठीक हो चुके हैं।
रविवार को स्वास्थ्य विभाग को 612 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट मिली। इनमें से किसी की भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई। वहीं रविवार को जिले में बचा एक कोरोना संक्रमित भी ठीक हो गया। फिलहाल जिले में कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं बचा है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे जिले के लिए बड़ी राहत बताया है। इसके साथ-साथ चेतावनी भी दी है कि आशंकित तीसरी लहर कभी भी जिले में दस्तक दे सकती है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतनी होगी। मास्क लगाए रखना तथा दो गज की शारीरिक दूरी के नियम का पालन जब तक लोग करते रहेंगे, तब तक हम कोरोना से सुरक्षित रहेंगे।
अप्रैल 2020 में शुरू हुआ था जिले में कोरोना का सफर
पिछले वर्ष 25 मार्च को प्रदेश में लॉकडाउन लगा था। 6 अप्रैल को जिले में कोरोना संक्रमण का पहला मामला गांव निडानी में मिला था। इसके बाद निडानी गांव में एक और युवक कोरोना पॉजिटिव मिला था। अप्रैल में ही दोनों युवक कोरोना को मात देकर घर पहुंच गए थे। इसके बाद मई में 29 लोग संक्रमित मिले। मई महीने में दो लोगों की मौत के साथ ही मौत का सिलसिला भी शुरू हो गया। इसके बाद जिले में कोई ऐसा दिन नहीं आया जब संक्रमित नहीं बचे हों। अब रविवार को जिले में कोरोना संक्रमण का एक भी मामला बाकी नहीं बचा है।
महीने अनुसार कोरोना संक्रमितों व मौत का आंकड़ा
महीना संक्रमित मौत
अप्रैल 2020 02 0
मई 29 2
जून 79 2
जुलाई 192 1
अगस्त 432 3
सितंबर 1371 20
अक्तूबर 890 19
नवंबर 1210 24
दिसंबर 845 11
जनवरी 21 165 2
फरवरी 24 0
मार्च 446 3
अप्रैल 7445 41
मई 7705 381
जून 338 27
जुलाई 17 0
अगस्त 0 0
नियमों का पालन जरूरी
सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने कहा कि बेशक जिले में कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति नहीं बचा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार लोगों के सैंपल लेकर जांच कर रही हैं। जिले के लोगों को कोरोना से बचाव के जो नियम हैं, उनका लगातार पालन करना चाहिए। एक जगह भीड़ नहीं करनी चाहिए। खासकर बाजारों, बस स्टैंड, नागरिक अस्पताल, लघु सचिवालय में अधिक सावधानी बरतनी होगी। यहां पर अलग-अलग स्थानों से लोग आते हैं, इसलिए सावधानी लगातार बनाए रखनी होगी।