जींद। निपुण हरियाणा मिशन के तहत जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में बालवाटिका-3 से कक्षा चौथी तक के विद्यार्थियों का पीरियोडिक असेसमेंट (आवाधिक मूल्यांकन) कराया गया। जिले के सभी सातों खंडों में हुए इस आकलन का उद्देश्य केवल बच्चों के अंक जानना नहीं, बल्कि हिंदी, गणित और अंग्रेजी में उनकी कक्षा-वार अधिगम दक्षताओं की वास्तविक स्थिति पहचानना है।
अब आकलन के परिणाम के आधार पर कमजोर दक्षताओं वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष शिक्षण योजना तैयार की जाएगी। पीरियोडिक असेसमेंट का परिणाम शिक्षकों के निपुण डैशबोर्ड पर उपलब्ध करा दिया गया है।
शिक्षक प्रत्येक बच्चे की दक्षता के अनुसार यह पहचान सकेंगे कि उसे किस विषय और किस कम्पिटेंसी में अतिरिक्त सहयोग की जरूरत है। इसके बाद उसी के अनुरूप सुधारात्मक गतिविधियां करवाई जाएंगी।
आकलन से यह स्पष्ट होगा कि किसी विद्यार्थी को हिंदी में पढ़ने, शब्द पहचानने या पाठ समझने में कठिनाई है या गणित में संख्या ज्ञान, जोड़-घटाव, गुणा-भाग जैसी दक्षताओं में अभ्यास की जरूरत है। इसी तरह अंग्रेजी की कक्षा-वार निर्धारित दक्षताओं में कमजोर विद्यार्थियों की पहचान की जाएगी।
शिक्षक समान कठिनाई वाले बच्चों के छोटे समूह बनाकर अतिरिक्त अभ्यास करवा सकेंगे। इसके लिए खेल आधारित गतिविधियां, कार्यपत्रक, कहानी, संवाद, शिक्षण-अधिगम सामग्री और संख्या संबंधी गतिविधियों का उपयोग किया जाएगा। किसी बच्चे की एक दक्षता कमजोर होने का अर्थ यह नहीं कि वह सभी विषयों में कमजोर है।
निपुण डैशबोर्ड से होगी निगरानी, हर सप्ताह रिपोर्ट
आकलन के बाद सुधारात्मक कार्य की नियमित निगरानी की जाएगी। शिक्षकों को हर सप्ताह रिपोर्ट भेजनी होगी, जिसमें बच्चों के साथ कराई गई गतिविधियों, जिन दक्षताओं पर काम किया गया और प्रगति की जानकारी दी जाएगी। यदि किसी बच्चे की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं होती है तो शिक्षण रणनीति में बदलाव किया जा सकेगा।
-राजेश वशिष्ठ, जिला समन्वयक एफएलएन
जिले में कक्षा वार विद्यार्थी
बालवाटिका-3 : 4,032
कक्षा पहली : 5,537
कक्षा दूसरी : 5,888
कक्षा तीसरी : 5,218
कक्षा चौथी : 5,226
कक्षा पांचवीं : 7,251
कुल : 33,152 विद्यार्थी