फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: अपलोड नहीं हुए नए कलेक्टर रेट, रजिस्ट्रियां अटकीं...लोग परेशान

विज्ञापन
03जेएनडी11-तहसील में खाली पड़ा रजिस्ट्री कार्यालय। संवाद
विज्ञापन
जींद। जिले में नए कलेक्टर रेट लागू होने के बाद उन्हें ऑनलाइन सिस्टम पर अपलोड नहीं किया गया है। ऐसे में रजिस्ट्री प्रक्रिया प्रभावित हो गई हैं। लोगों को रजिस्ट्री करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तहसील कार्यालयों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
विज्ञापन

31 मार्च से पहले जिन लोगों ने रजिस्ट्री के लिए टोकन कटवाए थे, फिलहाल उन्हीं की रजिस्ट्रियां की जा रही हैं। पुराने कलेक्टर रेट के आधार पर इन टोकनों को मान्य रखा गया है लेकिन नए टोकन जारी नहीं होने और नए रेट स्पष्ट न होने के कारण लोग अपनी जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री नहीं करवा पा रहे हैं।
स्थिति यह है कि जिले में अभी भी 132 टोकन लंबित हैं जिनके आधार पर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जानी है। रजिस्ट्री कार्यालयों में रोजाना लोग पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
विज्ञापन

लोगों का कहना है कि नए कलेक्टर रेट को लेकर अनिश्चितता के कारण उनके काम अटक गए हैं। प्रॉपर्टी बाजार पर भी इसका असर साफ तौर पर देखा जा रहा है।
नए कलेक्टर रेट में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है जिसके चलते खरीदार और विक्रेता दोनों ही स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में जमीन और मकान की खरीद-फरोख्त फिलहाल धीमी पड़ गई है।
संदीप, जगमेश, सुशील, रामकरण, सूरजभान, रोहित, सोमबीर और कृष्ण का कहना है कि उन्होंने पहले ही सभी दस्तावेज तैयार कर लिए थे लेकिन सिस्टम अपडेट न होने के कारण उनका काम अटक गया है। इससे समय और धन दोनों की हानि हो रही है।
नए कलेक्टर रेट के अपलोड में देरी के चलते जिले में रजिस्ट्री प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जब तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती तब तक इस असमंजस की स्थिति बनी रहेगी।

वर्जन
तकनीकी प्रक्रिया पूरी होते ही नए कलेक्टर रेट पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं। इसके बाद रजिस्ट्री का कार्य सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा।-राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी, जींद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें