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Jind News: मूक-बधिर बच्चों के लिए संजीवनी बनी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना

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25जेएनडी06: डीसी डॉ. वैशाली शर्मा छोटे बच्चों को उपचार के दस्तावेज सौंपते हुए। स्रोत : स्वास्थ्
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जींद। सुनने एवं बोलने की समस्या से जूझ रहे बच्चों के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले के दो मूक-बधिर बच्चों के कॉक्लियर इम्प्लांट उपचार के लिए 11 लाख 90 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है।
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डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने वीरवार को अपने कार्यालय में गांव मालवी निवासी चार वर्ष पांच माह की जागृति तथा गांव धनखड़ी निवासी पांच वर्ष सात माह के शिवम कुमार और उनके परिजनों को उपचार संबंधी दस्तावेज सौंपे। दोनों बच्चों के लिए पांच लाख 95 हजार रुपये प्रति बच्चा की सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
डीसी ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। कॉक्लियर इम्प्लांट के माध्यम से दोनों बच्चों की सुनने संबंधी समस्या का प्रभावी उपचार संभव होगा। इससे वह सामान्य बच्चों की तरह सुन सकेंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़ पाएंगे।
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सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच, उपचार और आवश्यकतानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि स्वीकृत राशि पीजीआई चंडीगढ़ को स्थानांतरित कर दी गई है। जिला नोडल अधिकारी डॉ. रमेश पांचाल ने बताया कि अब 0 से 6 वर्ष आयु तक के मूक-बधिर बच्चों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। जिले में कार्यरत 12 मोबाइल हेल्थ टीमें आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी विद्यालयों में नियमित स्वास्थ्य जांच कर रही हैं।
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