नगरपालिका क्षेत्र में नपा की एनओसी के बिना जमीन की रजिस्ट्री करने के आरोप में सरकार ने उचाना के नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र को निलंबित कर दिया है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय जींद डीसी कार्यालय होगा। निलंबन पत्र में यह भी लिखा गया है कि इस दौरान वे डीसी की अनुमति के बिना कार्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। इस दौरान उनको पहले छह महीने अवकाश वेतन और महंगाई भत्ता के बराबर राशि पर जीवन निर्वाह भत्ता पाने के हकदार होंगे। अगर वे औसत से आधी छुट्टी लेते हैं तो आधा वेतन ही मिलेगा।
गौरतलब है कि जगदीश चंद्र के नायब तहसीलदार रहते उचाना में 140 से अधिक ऐसी रजिस्ट्रियां हुई हैं, जिनमें नगरपालिका की एनओसी नहीं ली गई। इसे लेकर मुख्यालय ने जिला प्रशासन से रिपोर्टर मांगी थी। इस पर उचाना के पूर्व एसडीएम डॉ. प्रीतमपाल सिंह ने करीब दो महीने पहले सरकार को रिपोर्टर भेज दी थी। अब इस पर राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने डीसी से धारा 7 के तहत चार्जशीट का मसौदा तैयार कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
जगदीश चंद्र 25 मार्च 2021 को नरवाना से उचाना में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हुए थे। उनके कार्यकाल में हुईं रजिस्ट्रियां संदेह के दायरे में आ गई थीं। जिसकी जांच उचाना के तत्कालीन एसडीएम द्वारा की गई तो 140 रजिस्ट्रियां ऐसी पाई गईं, जो बिना एनओसी के ही की गई हैं। एसडीएम ने जांच रिपोर्ट को चंडीगढ़ मुख्यालय भेज दिया था। राजस्व विभाग ने भी मामले की जांच की तो एसडीएम उचाना द्वारा दी गई जांच रिपोर्ट सही पाई गई। जिसके आधार पर वित्त आयुक्त राजस्व हरियाणा ने नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
डीसी डॉ. आदित्य के अनुसार सरकार ने इसको लेकर रिपोर्टर मांगी थी, जो भेज दी गई है। नायब तहसीलदार के निलंबन की सूचना मिली है। लेकिन कोई आधिकारिक पत्र नहीं आया है। नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र के अनुसार उनको भी कुछ लोगों ने फोन कर निलंबन की जानकारी दी है। लेकिन कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।