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नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी ने पार्षद और चेयरपर्सन के पति पर लगाए धमकी देने के आरोप

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डीसी से मिलने आए अन्य लोगों से बातचीत करते कार्यकारी अधिकारी। - फोटो : Jind
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नगर परिषद कार्यालय में शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे उस समय हंगामा हो गया, जब कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान ने पार्षद हरेंद्र उर्फ काला सैनी, चेयरपर्सन पूनम सैनी के पति व भाजपा नेता जवाहर सैनी पर अभद्रता करने और पिस्तौल दिखाकर धमकी देने के आरोप लगाए। इसके बाद करीब तीन बजे सफाई कर्मचारी भी कार्यकारी अधिकारी के समर्थन में आ गए और जवाहर सैनी व काला सैनी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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सफाई कर्मचारियों ने कहा कि कार्यकारी अधिकारी को इस प्रकार कार्यालय में धमकी देना सहन नहीं किया जाएगा। इसके बाद दोनों पक्ष डीसी डॉ. आदित्य दहिया से मिले। डीसी से ने दोनों पक्षों की बात सुनी। कार्यकारी अधिकारी ने जवाहर सैनी व काला सैनी पर आरोप लगाया कि दबाव बनाकर उनसे गलत काम करवाने का प्रयास किया जाता है। काम नियमानुसार करने की बात कहने पर धमकी दी जाती है।
ईओ ने आरोप लगाया कि जवाहर सैनी और काला सैनी पैसे लेकर नगर परिषद के गलत काम करवाते हैं। ऐसे में उनकी जानकारी में आया कि बडनपुर निवासी एक बच्ची का नाम नगर परिषद के रिकॉर्ड में अलिना दर्ज है, जबकि दोबारा रिकार्ड में गड़बड़ी कर उसे तेजस्वनी कर दिया गया है। यह बहुत गंभीर मामला है। यह मामला संज्ञान में आने पर उन्होंने बच्ची के पिता से बात की तो इस दौरान काला सैनी एक और फाइल लेकर आए और हस्ताक्षर करने के लिए उनकी मेज पर रखकर चले गए। करीब दस मिनट बाद वे फिर कार्यालय आए और फाइल के बारे में पूछा। इस पर उन्होंने कहा कि अभी फाइल देखी नहीं है। देखने के बाद ही हस्ताक्षर करेंगे। इतना सुनकर काला सैनी भड़क गए और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगे। उन्होंने जवाहर सैनी को भी बुला लिया। आरोप है कि काला सैनी ने अपनी कमीज हटाकर पिस्तौल दिखाया और धमकी दी।
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सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना
ईओ के अनुसार यह पूरा मामला कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरा में कैद है। वे जवाहर सैनी से बार-बार निवेदन करते रहे, लेकिन दोनों उन्हें धमका रहे हैं।
पार्क में मिट्टी डालने में गोलमाल
ईओ ने आरोप लगाया कि उनके समक्ष वार्ड नंबर दो में निर्माणाधीन पार्क में मिट्टी डालने का एक मामला लाया गया। इस पर भी जवाहर सैनी व काला सैनी हस्ताक्षर करवाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने पैमाइश करवाकर कार्रवाई करने को कहा। इससे भी वे नाराज थे। इसके लिए माहौल बनाया जा रहा था। शुक्रवार को उन्होंने कार्यालय में आकर धमकी दे दी।
ईओ और चेयरपर्सन कक्ष में चलती रही पंचायत
ईओ और पार्षद के बीच हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों के लोग नगर परिषद कार्यालय पहुंचने लगे। इसके बाद कार्यकारी अधिकारी व चेयरपर्सन कार्यालय में पंचायत चलती रही। दोनों ही पक्ष अपने लोगों के साथ मामले को लेकर रणनीति बनाते रहे।
ईओ बोले मेरे फर्जी हस्ताक्षर कर जारी किए गए हैं प्रमाण पत्र
ईओ डॉ. एसके चौहान के अनुसार दो साल पहले भी जब वे जींद में तैनात थे, तब भी फर्जी हस्ताक्षर करने का मामला सामने आया था। इस मामले में उन्होंने एफआईआर भी करवाई है।
डीसी से मिले चौहान और मौके पर मौजूद लोग
यह घटनाक्रम दिनभर चलता रहा। शाम छह बजे ईओ डॉ. एसके चौहान व विवाद के समय में उनके कार्यालय में मौजूद लोग डीसी डॉ. आदित्य दहिया से मिलने पहुंचे। इन सभी लोगों ने डीसी को पूरे मामले की जानकारी दी। इस पर डीसी ने उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
गायब हो चुके हैं रजिस्टर और कंप्यूटर
इससे पहले भी नगर परिषद कार्यालय से कंप्यूटर और रजिस्टर गायब हो चुके हैं। इसके चलते ही कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान ने अपने कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। अब यह पूरा मामला सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है।
डीसी के संज्ञान में ला दिया है मामला
नगर परिषद में जवाहर सैनी व काला सैनी मिलकर काफी अनियमितताएं कर रहे हैं। यहां पैसे लेकर काम किए जाते हैं। नगर परिषद मेरी मां है और मैं यहां कुछ भी गलत नहीं होने दे सकता। पहले भी फर्जी तरीके से जन्मप्रमाण पत्र जारी करने का मामला आया था। अब फिर ऐसा ही मामला आया है। जब मैंने बच्ची के पिता से बात की तो उन्होंने इसका संदेश दोनों तक पहुंचा और इसके बाद विवाद किया गया। पार्क में मिट्टी डलवाने के मामले में भी गड़बड़ी है। करोड़ों रुपये की मिट्टी दिखाई गई है, सही नहीं है। इसके बाद मेरे कार्यालय में आकर मुझे धमकी दी गई है। काला सैनी ने पिस्तौल दिखाया है। यह मामला डीसी डॉ. आदित्य दहिया के संज्ञान में ला दिया गया है। मामले की शिकायत पुलिस को भी दे दी गई है।
डॉ. एसके चौहान, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगर परिषद।
लोगों को परेशान करते हैं कार्यकारी अधिकारी
कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान लोगों को परेशान करते हैं। मनमर्जी से पैसे लिए जाते हैं। पार्षद लोगों के काम लेकर जाते हैं तो उनके साथ अभद्रता की जाती है। जन्म प्रमाणपत्र जारी करने का काम ईओ व संबंधित सीट के कर्मचारी का होता है। इसमें किसी पार्षद की कोई भूमिका नहीं होती। यदि नाम बदला है तो वह पूरी प्रक्रिया से ही बदला जाता है। मिट्टी डलवाने का काम भी ठेकेदार करता है। जेई उसका बिल बनाता है। इस प्रकार के आरोप बेबुनियाद हैं। काम नहीं करने को लेकर कहासुनी हुई है, लेकिन धमकी देने जैसी कोई बात नहीं है। कार्यकारी अधिकारी अपनी मनमानी करते हैं और जो कोई इसका विरोध करता है उसके खिलाफ एससी एसटी की शिकायत दे दी जाती है।
जवाहर सैनी।
मामला संज्ञान में आया है। इसमें दोनों पक्षों को सुना है। कुछ बेहद गंभीर बातें निकल कर सामने आई हैं। ऐसे में उच्च अधिकारियों को मामला बता दिया गया है। जैसे निर्देश प्राप्त होंगे, वैसे कार्रवाई होगी।
डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।

अलिना का तेजस्वनी के नाम से जारी किया गया प्रमाण पत्र।- फोटो : Jind

चेयरपर्सन के कार्यालय में जुटे पार्षद व अन्य लोग।- फोटो : Jind

नगरपरिषद कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते सफाई कर्मचारी।- फोटो : Jind

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