नागरिक अस्पताल में आउटसोर्स के नोडल अधिकारी बदलने के बाद सिविल सर्जन ने आउटसोर्स कर्मचारियों को मरीजों के साथ शालीनता से पेश आने और ड्यूटी पर अलर्ट रहने का पाठ पढ़ाया था। इसे दो दिन भी नहीं बीते कि रात को इमरजेंसी वार्ड में इलाज के लिए आई एक युवती के साथ वहां पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड ने दुर्व्यवहार किया और उसका मोबाइल नंबर मांगा। इस बात का जब परिजनों को पता चला तो उन्होंने हंगामा किया और सिक्योरिटी गार्ड की शिकायत सिविल सर्जन को दी। चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) डॉ. गोपाल गोयल ने इस मामले की जांच डॉ. विशाल को सौंप दी। मंगलवार को मामले की जांच की जाएगी।
बता दें कि दो दिन पहले सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान ने आउटसोर्स के तहत लगे कर्मचारियों की बैठक में निर्देश दिए थे कि यदि किसी भी कर्मचारी की कोई शिकायत मिली तो उसकी नौकरी को कोई नहीं बचा सकता। उन्होंने कहा था कि ईमानदारी एवं कर्मठता के साथ कर्मचारी अपनी ड्यूटी करें व मरीजों के साथ शालीनता के साथ पेश आएं।
रविवार रात को लगभग दस बजे एक युवती कुछ तकलीफ होने पर अपने परिजनों के साथ इमरजेंसी वार्ड में आई। मौके पर मौजूद डॉ. सूरजप्रकाश ने युवती का इलाज किया। इस दौरान यहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड भूपेंद्र ने युवती के साथ अभद्रता की और उसका मोबाइल नंबर मांगा। इस बात का जब युवती के साथ आए परिजनों को चला तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद युवती के परिजनों ने सिक्योरिटी गार्ड के खिलाफ चिकित्सक को शिकायत दी। चिकित्सक ने शिकायत सिविल सर्जन कार्यालय में भेज दी। एमएस डॉ. गोपाल गोयल ने शिकायत जांच के लिए डॉ. विशाल को सौंप दी। इस घटना से साफ है कि आउटसोर्स कर्मचारियों पर सिविल सर्जन की नसीहत का कोई असर नहीं हुआ।
लापरवाही को नहीं किया जाएगा बर्दास्त
मरीजों के साथ अभद्रता करने वाले किसी भी कर्मचारी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मामले की जांच करवाई जाएगी। यदि सिक्योरिटी गार्ड पर आरोप सही पाए गए तो उसको तुरंत बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
डॉ. जयभगवान जाटान, सिविल सर्जन, जींद।