फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनावी राजनीति छोड़ी, किसानों के लिए दलगत राजनीति भी छोड़ने को हूं तैयार : बीरेंद्र सिंह

विज्ञापन
विज्ञापन
जींद। किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए कई किसान संगठनों के फोन आए हैं, लेकिन पहले वे अपने जानकारों और विशेषज्ञों से इस मामले में राय लेंगे, इसके बाद आंदोलन में अपनी भूमिका तय करूंगा। चुनावी राजनीति छोड़ चुका हूं। यदि जरूरत पड़ी तो किसानों के लिए दलगत राजनीति को भी छोड़ने के लिए तैयार हूं। यह कहना है पूर्व केंद्री मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बीरेंद्र सिंह का।
विज्ञापन

शनिवार को वे अर्बन एस्टेट स्थित जाट धर्मशाला के साथ लगते पार्क में चौधरी छोटूराम की प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन जल्दी और सकारात्मक समाधान निकलना चाहिए। अहिंसक व बिना राजनीतिक दखल के ही आंदोलन ताकत के साथ चल रहा है। उन्होंने कहा कि किसान और सरकार के बीच अविश्वास की स्थिति है। इस मौके पर उनके साथ भिवानी से सांसद धर्मबीर सिंह भी मौजूद रहे।
कृषि उत्पादों के मुनाफे में मिले किसानों को हिस्सा
पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि किसान की फसल बेचने के बाद उस उत्पाद का मुनाफा बढ़ जाता है। किसानों को गन्ने की कीमत सिर्फ लागत के हिसाब से मिलती है, लेकिन गन्ने से चीनी के अलावा, बिजली व शराब भी बनाई जाती है। इससे जो मुनाफा होता है, उसका हिस्सा भी किसान को मिलना चाहिए। देश के कृषि उत्पादों का निर्यात करीब साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये का है। यह देश की जीडीपी में सबसे महत्वपूर्ण है। जब तक किसान को इसका हिस्सा नहीं मिलेगा, लाभ नहीं होगा।
विज्ञापन

नेताओं को कुछ लोगों ने दिखाए काले झंडे
जाट धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम के बाद जब पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह व सांसद धर्मबीर सिंह अपनी गाड़ियों से निकले तो कुछ लोगों ने काले झंडे लहराते हुए नारेबाजी की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें