23जेएनडी33: पंडाल में बैठकर फूलों और लठमार होली का आनंद लेते श्रद्धालु। संवाद
नरवाना। पतराम नगर स्थित अग्रवाल धर्मशाला में श्री बांके बिहारी संकीर्तन मंडल के रासलीला महोत्सव के सातवें दिन रविवार को बरसाने की लठमार व फूल होली के दृश्य दिखाए गए। संगीतमयी तरीकों से यह होली खेली गई। इनमें पंडाल में मौजूद भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने आनंद उठाया।
सोमवार की रात रासलीला में नरसी के भात की लीला दिखाई जाएगी। लठमार और फूल होली के दौरान वृंदावन से आई श्री मधुर बिहारी रासलीला मंडल ट्रस्ट के अध्यक्ष जयप्रिया शरण व मुख्य सहयोगी गोकुल सुंदर भजनों का गुणगान भी करते हैं। वह अपने भजनों में श्याम मेरी चुनरी में लग गयो दाग री, ऐसो चटक रंग डारो, आज ब्रज में होली है रसिया, ब्रज में होली खेलन आयो रे श्याम, होरी है होरी है सुनाए। रविवार को मंच पर लीला में दिखाया गया कि भगवान श्रीकृष्ण अपने सखाओं के संग बरसाने की गलियों में लठमार होली खेलने के लिए पहुंच जाते हैं। वहां पहुंचने के बाद भगवान के सखा उनसे पूछते हैं कि यहां तो कोई दिखाई ही नहीं दे रहा होली किसके साथ खेलें। उसके बाद भगवान श्रीकृष्ण उनको बताते हैं कि अगर राधा रानी को बुलाना है तो प्रेम और प्यार से दोनों हाथ जोड़कर बुलाओ तभी वह आएंगी। इसके बाद राधा रानी भी अपनी सखियों के साथ वहां आ जाती हैं। यहां ठाकुर के सखा और सखियां एक-दूसरे पर हंसी के ठहाकों के साथ तंज कसना शुरू कर देती हैं। फिर उसके बाद सबसे पहले लठमार होली खेलनी शुरू कर देते हैं। इस मौके पर पंकज बांके बिहारी, बृजमोहन मित्तल, दीपक मित्तल, कृष्ण व प्रवीण बंसल मौजूद रहे।