शहीद असवीर अंतिम संस्कार में मौजूद लोग।
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मां बोली अमर हो गया बेटा
बेटे के शहीद हो जाने के बाद शहीद असवीर की मां कलमेश भी अंतिम यात्रा में शामिल हुई। उन्होंने असवीर सिंह अमर रहे के नारे भी लगाए। भावुक अवस्था में कमलेश ने कहा कि असवीर उनका इकलौता बेटा था। जो देश की सेवा करते करते वीरगति को प्राप्त हो गया। असवीर को 12 वर्ष व नौ वर्ष के दो बेटे व पांच वर्ष की एक बेटी है। शहीद के पिता बहादुर सिंह व मां कमलेश ने कहा कि वे अपने पोते-पोती को भी देश की सेवा के लिए अग्रसर करेंगे। माता पिता ने कहा कि असवीर की शहादत पर हमारा सिर गर्व से ऊंचा किया है।
अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए साथियों की मदद करते रहे असवीर
असवीर सिंह का शव लेकर पहुंचे सैनिकों ने बताया कि जिस वाहन से असवीर सिंह पेट्रोलिंग से लौट रहे थे, उसमें कई लोग सवार थे। यह गाड़ी खाई में गिरने पर हवलदार असबीर ने अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए वाहन में सवार अपने बाकी सैनिक साथियों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन दुर्भाग्यवश असवीर की जान नहीं बच सकी।