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नौ गांवों की पंचायत ने खींची गांव में आने वाले रास्तों पर लक्ष्मण रेखा

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मंगलपुर गांव में रस्सी बांधकर गांव में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाते ग्रामीण। - फोटो : Jind
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंगलवार रात को लॉकडाउन के आह्वान पर क्षेत्र के नौ गांवों की पंचायतों ने अपने गांवों में आने वाले रास्तों पर पहरा देना शुरू कर दिया है। गांव से कोई भी व्यक्ति बाहर नहीं जा रहा है और न ही बाहरी व्यक्ति को बिना पूरी जानकारी लिए आने दिया जा रहा है। गांव में आने वालों का साबुन से हाथ धुलवाया जा रहा है।
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झील, डोहाना खेड़ा, काकड़ोद, मोहनगढ़ छापड़ा, कसुहन, छातर, तारखां, मंगलपुर, सुरबरा के साथ उदयपुर व दुर्जनपुर में युवाओं ने गांव में आने वाले हर रास्ते पर पहरा देकर गांव को लॉकडाउन किया हुआ है। 14 अप्रैल तक गांवों में लॉकडाउन रखने के लिए युवाओं की टीमों ने वीणा उठा लिया है। ग्रामीणों व युवाओं का कहना है कि कोरोना महामारी को फैलने से बचाने के लिए हर कोई घर पर रहे। जरूरी काम 21 दिन बाद भी हो सकते हैं। कोई 2021 देखना चाहता है तो 21 दिन तक घर में रुके। यह बीमारी तेजी से फैलती है। इसका एक मात्र बचाव है घर पर रहना ही है। ग्रामीणों ने कहा कि 21 दिन तक गांव में न तो कोई सामूहिक रूप से हुक्का पीएगा और न ही ताश खेलेगा। अगर कोई घरों से बाहर बिना काम के निकलता है तो वह देश हित में नहीं है। जो बिना काम के बाहर निकले उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
गृह सैनिक बनकर सबको लड़ना होगा
हर पंचायत को चाहिए कि वह अपने-अपने गांव में युवाओं के साथ बाहर से आने वाले व्यक्तियों पर नजर रखे। गृह सैनिक बनकर हमें इस महामारी से लड़ना होगा। जिन पंचायतों ने अपने-अपने गांव को लाकडॉउन किया है उनका यह सराहनीय कदम है।
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राजेश कोथ, एसडीएम, उचाना।
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