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किसान आंदोलन: हर परिवार को आंदोलन से जोड़ेंगे, रोटेशन में जाएंगे दिल्ली बॉर्डर, आज खटकड़ टोल पर खापों की महापंचायत

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रामकली गांव में आयोजित पंचायत में मौजूद ग्रामीण। संवाद - फोटो : Jind
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जींद। दिल्ली में हुई हिंसा के बाद किसान आंदोलन कमजोर होता दिखाई दे रहा था, लेकिन वीरवार रात किसान नेता राकेश टिकैत के वायरल वीडियो ने आंदोलन को नई ताकत दी है। शुक्रवार सुबह जिले के करीब 100 से अधिक गांवों में पंचायतें हुईं और आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया। हर गांव से खाद्य सामग्री लेकर ग्रामीण ट्रैक्टरों से दिल्ली के लिए रवाना हुए। किसानों ने फैसला लिया है कि अब हर परिवार को आंदोलन से जोड़ा जाएगा। इसके तहत एक-एक सप्ताह तक लोग दिल्ली बॉर्डर पर रहेंगे।
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प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार जिले भर से करीब 1500 ट्रैक्टर शुक्रवार को दिल्ली के लिए निकले। वहीं टोल पर जारी धरने को हटाने की योजना बना रहा प्रशासन बैकफुट पर नजर आया। किसानों ने कहा कि सरकार अब बलपूर्वक आंदोलन को समाप्त करवाना चाहती है। यदि ऐसा किया गया तो इसका मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। किसान किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे। राजपुरा, कंडेला, शाहपुर, खरकरामजी सहित कई गांवों से लोग वीरवार रात को ही ट्रैक्टर व अन्य वाहनों से दिल्ली के निकल गए थे। शनिवार को खटकड़ टोल पर जिले की खापों की महापंचायत होगी।
गौरतलब है कि वीरवार देर शाम किसान नेता राकेश टिकैत का वीडियो वायरल हुआ। इसक बाद कंउेला गांव में लोगों ने जींद-चंडीगढ़ राजमार्ग पर जाम लगा दिया था। किसानों ने साफ किया कि षड्यंत्र के तहत सरकार किसान आंदोलन को बदनाम कर तोड़ना चाहती है, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
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किसानों ने तैयार किया पूरा बैकअप प्लान
किसान आंदोलन को लगातार चलाने के लिए किसानों ने पूरा बैकअप प्लान तैयार किया है। अधिकतर गांवों में पंचायत में फैसला लिया कि हर परिवार को आंदोलन से जोड़ा जाएगा। इसके तहत एक-एक सप्ताह तक लोग दिल्ली बॉर्डर पर रहेंगे। जब गांव से दूसरा जत्था पहुंचेगा, इसके बाद ही पहला जत्था वापस आएगा।
बड़े किसान आंदोलन की गवाह रही है जींद की धरती
जींद में आंदोलन नए सिरे से कंडेला की धरती से शुरू हुआ है। कंडेला की धरती प्रदेश के बड़े किसान आंदोलन की गवाह रही है। 2002 में बिजली बिलों को लेकर हुआ किसान आंदोलन इतना बड़ा हो गया था कि नौ किसानों की जान पुलिस की गोली लगने से चली गई थी। इस घटना को इतिहास में कंडेला कांड के नाम से जाना जाता है।
राकेश टिकैत का वीडियो वायरल होने के बाद किसानों में रोष है। कंडेला गांव में ग्रामीणों ने कुछ समय के लिए रोड भी जाम किया, लेकिन उसे खुलवा दिया गया। पंचायत में फैसला लिया है कि सरकार के दमन से आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार बल प्रयोग करती है तो इसका जवाब दिया जाएगा। किसान आंदोलन शांतिपूर्ण रखेंगे। हर घर से दिल्ली बॉर्डर पर किसान पहुंचेंगे।
- छाज्जूराम कंडेला, प्रदेश प्रवक्ता, भारतीय किसान यूनियन

सर्व जातीय दाडन खाप चबूतरा पालवां पर आयोजित पंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत को सेल्यूट करते कि?- फोटो : Jind

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