फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: संघर्षों में तपकर निखरी जींद की कोकिला, रजत से बढ़ाया देश का मान

विज्ञापन
विज्ञापन
जींद/हिसार।
विज्ञापन

संघर्षों में तपकर निखरी दृष्टिबाधित पैरा जूडो खिलाड़ी कोकिला कौशिक ने जापान में आयोजित एशियाई पैरा खेलों की जूडो स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने महिलाओं के जे2-52 किलोग्राम वर्ग में यह उपलब्धि हासिल की। कोकिला वर्ष 2024 में पेरिस पैरालंपिक में भारत की पहली पैरा जूडो टीम का हिस्सा बनी थीं।
कोकिला ने वर्ष 2022 में चीन में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में कांस्य पदक जीता था। अगस्त 2025 में मिस्र के गीजा में आयोजित जूडो ग्रांड प्रिक्स में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि पर हेड कोच एवं महासचिव मुनव्वर अंजार ने भी खुशी जताई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खिलाड़ियों से भरा है कोकिला का परिवार
कोकिला का पैतृक गांव हरियाणा के जींद जिले के उचाना उपमंडल में स्थित कसूहन है। उनका परिवार हिसार के आजादनगर स्थित आदर्शनगर में रहता है। उनके पिता कृष्ण कुमार कौशिक शिक्षा विभाग में राजनीति विज्ञान के व्याख्याता हैं और फिलहाल भिवानी जिले के सिवानी क्षेत्र में तैनात हैं। उनकी बड़ी बहन सफलता शर्मा जूडो खिलाड़ी रही हैं, जबकि भाई कुशल कौशिक कुश्ती के खिलाड़ी हैं। उनकी माता सुमन शर्मा भी 100, 200 और 400 मीटर दौड़ के साथ भाला फेंक स्पर्धा में भाग लेती थीं। कोकिला को परिवार का पूरा सहयोग मिल रहा है। हालांकि, बेटी के साथ जापान जाने के लिए उनके पिता को विभागीय अधिकारियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका। इस कारण उन्हें विभागीय अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। जापान में महंगाई के कारण होटल का कमरा लेना भी चुनौतीपूर्ण रहा। वहां कमरे का किराया करीब डेढ़ लाख रुपये प्रतिदिन था।
प्रमुख खेल उपलब्धियां



- जापान में एशियाई पैरा खेलों के जे2-52 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक।



- अगस्त 2025 में मिस्र के गीजा में जूडो ग्रांड प्रिक्स में स्वर्ण पदक।



- वर्ष 2022 में चीन में एशियाई पैरा खेलों में कांस्य पदक।



- पेरिस पैरालंपिक-2024 में भारत की पहली पैरा जूडो टीम में शामिल होने वाली पहली महिला खिलाड़ी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें