जिले के तीन पहलवानों का चयन फरवरी में चीन में होने वाली ओलंपिक क्वालिफायर के लिए हुआ है। जींद के डाहौला निवासी हरदीप सिंह भारत के ग्रीको रोमन रेसलर खिलाड़ी हैं, जो 98 किलोग्राम भार में होने वाले मुकाबले में भाग लेंगे। वहीं निडानी की पहलवान अंशु मलिक 59 किलोग्राम भार वर्ग में भाग लेती नजर आएंगी। इससे पहले जुलाई 2019 में थाईलैंड में हुई एशियन जूनियर कुश्ती चैंपियनशिप में अंशु मलिक ने स्वर्ण पदक जीता था। 59 किलोग्राम भार वर्ग में अंशु मलिक ने कजाकिस्तान की पहलवान को 10-0 से हराकर थाईलैंड में तिरंगा फहराया था। इससे पहले भी वह विश्व व एशियन सब जूनियर तथा जूनियर प्रतियोगिताओं में 2016 से 2018 तक तीन स्वर्ण, एक रजत और चार कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
अंशु मलिक के पिता धर्मवीर निडानी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप जो 4 से 10 सितंबर 2017 को एथेंस में आयोजित हुई के विश्व कैडिट कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण, सात से 15 मई 2017 तक आगरा में आयोजित विश्व खेल स्कूल प्रतियोगिता में स्वर्ण, 20 से 23 जुलाई 2017 में थाईलैंड में आयोजित एशिया कैडिड कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य, 2016 में ताईवान में आयोजित एशिया कैडिड कुश्ती चैंपियनशिप में रजत, 2016 में जार्जिया में आयोजित विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य, 10 से 13 मई 2018 को आयोजित एशियन सब जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण, 18 से 23 सितंबर 2018 में तरनाया में आयोजित विश्व जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता में कांस्य, तीन से आठ जुलाई 2018 को विश्व सब जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2017 में स्वर्ण, एक से चार फरवरी 2018 को दिल्ली में आयोजित खेलो इंडिया राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण, वर्ष 2015, 2016, 2017 व 2018 में स्कूली कुश्ती प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, पायका राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप जो वर्ष 2015, 2016, 2017 व 2018 में दो स्वर्ण, जयपुर में हुई राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण, 12 से 18 मार्च 2018 को राष्ट्रीय सब जूनियर कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
भारत के ग्रीको रोमन रेसलर खिलाड़ी हरदीप सिंह 98 किलोग्राम कैटेगरी में होने वाले इवेंट में हिस्सा लेते हैं। हरदीप सिंह भारत के पहले ऐसे रेसलर खिलाड़ी बने जिन्होंने ग्रीको रोमन ओलंपिक में जीत हासिल की। 2013 में हरदीप सिंह ने कॉमनवेल्थ चैंपियन बनने के अलावा साल 2016 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में उपविजेता भी रहे थे। उन्होंने 2009 में जूनियर राष्ट्रीय रेसलिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। 2013 में ही हरदीप ने कॉमनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप में साउथ अफ्रीका के जूलियन लबुशाने को 96 किलोग्राम ग्रीको रोमन कैटेगरी में हराते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम पर किया था। इसी इवेंट में हरदीप ने 96 किलोग्राम कैटेगरी के फ्री स्टाइल में कांस्य पदक जीता था। अप्रैल 2014 में हरदीप सिंह ने एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया, जिसमें उन्होंने पहले राउंड में उजबेकिस्तान के जहांगीर तुरदीव को 3-1 से हराया। रैंपेज में हरदीप ने कांस्य पदक को अपने नाम किया। इसमें उन्होंने चीन के डी जाएयो को 4-0 से हराया। 2015 में हुए 35वें राष्ट्रीय खेल में स्वर्ण पदक जीता। 2016 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में 98 किलोग्राम कैटेगरी में मेहंदी अलीयारी से फाइनल में हारने के बाद रजत पदक को अपने नाम किया था। इसके अलावा इसी साल हुई एशियन रेसलिंग ओलंपिक क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट में 98 किलोग्राम कैटेगरी में भी हिस्सा लेते हुए कजाकिस्तान के मरगुलान असीमबेकोव को सेमीफाइनल में हराया था।
सास को स्वर्ण पदक जीतने का भरोसा
जुलाना। गांव बख्ता खेड़ा निवासी पहलवान सोमबीर राठी की पत्नी व अंतरराष्ट्रीय कुश्ती पहलवान विनेश फौगाट का चयन एशियन चैंपियनशिप के लिए होने से गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। विनेश की सास सरोज देवी ने कहा कि उनके परिवार को उम्मीद है कि विनेश स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेगी। इसके लिए वह दिन-रात मेहनत कर रही है। विनेश ने इससे पहले 2018 में सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक, कॉमनवेल्थ में स्वर्ण पदक, एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक, 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य, एशिया चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक, 2019 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था। ससुर राजपाल ने कहा कि विनेश स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेगी। पदक जीतकर जब विनेश घर लौटेगी तो भव्य स्वागत किया जाएगा। राठी ने कहा कि हमें अपनी पुत्रवधू पर नाज है।