स्वास्थ्य विभाग की गिरफ्त में विनोद और कृष्ण।
- फोटो : Jind
असंध के रतन रोड स्थित एक मकान में चल रहे भ्रूण लिंग जांच केंद्र का जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक दलाल और मकान मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दो बिचौलियों, भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले और मकान मालिक के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जिला स्वास्थ्य विभाग को जानकारी मिली थी कि सफीदों क्षेत्र में कुछ लोग भ्रूण लिंग जांच का काम करवाते हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पीएनडीटी के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. प्रभुदयाल के नेतृत्व में एक टीम गठित की। टीम ने एक महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर गांव धर्मगढ़ निवासी विनोद के पास भेजा तो उसने बुधवार को 12 बजे उसे असंध के सालवन चौक पर बुलाया। जब महिला वहां पहुंची तो विनोद उसे लेकर असंध के रतन रोड पर गया। वहां पर उसे असंध का रहने वाला अमरदीप मिला, जिनसे महिला से 50 हजार रुपये ले लिए। वह महिला को लेकर कुछ दूरी पर स्थित एक मकान में गया। जब विनोद महिला को छोड़कर लौटने लगा तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे पकड़ लिया। दूसरी तरफ फफड़ाना निवासी संजय ने महिला का भ्रूण लिंग जांच किया। इसके बाद महिला को साथ लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मकान पर छापा मारा, लेकिन उससे पहले ही संजय फरार हो चुका था। संजय मकान को किराये पर लेकर भ्रूण जांच केंद्र चला रहा था। पुलिस ने मकान मालिक कृष्ण को भी गिरफ्तार कर लिया है।
जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ करनाल के स्वास्थ्य विभाग की भी टीम थी। पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर विनोद, अमरदीप, संजय और कृष्ण के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है। डॉ. प्रभुदयाल ने कहा कि इस मामले में आगामी कार्रवाई करनाल के स्वास्थ्य विभाग को करनी है। फिलहाल पुलिस ने धर्मगढ़ निवासी विनोद तथा मकान मालिक कृष्ण को गिरफ्तार कर लिया है।
विनोद से बरामद हुए 14500 रुपये
डॉ. प्रभुदयाल ने बताया कि उन्होंने पहले एक महिला को फर्जी ग्राहक बनाया था। उस समय भ्रूण लिंग परीक्षा की बात 35 हजार रुपये में तय हो गई थी, लेकिन बाद में महिला ने ग्राहक बनने से मना कर दिया था। इसके बाद एक अन्य महिला से संपर्क किया गया। उसके भ्रूण लिंग जांच की बात विनोद से 50 हजार रुपये में तय हो गई। जब उन्होंने विनोद को पकड़ा तो उसके पास से 14500 रुपये के वही नोट बरामद हुए जिसेे विभाग ने महिला को दिए थे। डॉ. प्रभुदयाल ने बताया कि अभी तक यह सामने नहीं आया है कि चारों आरोपी आपस में पैसों का कितना-कितना हिस्सा बांटते थे और बाकी पैसे किसके पास हैं।