लक्ष्य को पाने का जनून हो तो सपने को साकार करने से कोई नहीं रोक सकता है। ऐसा ही कर दिखाया है गांव जुलानी हाल गुरुग्राम निवासी प्रतिभा सहारण ने। प्रतिभा ने दूसरे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा में 356वीं रैंक हासिल की है। प्रतिभा की उपलब्धि से गांव जुलानी में जश्न का माहौल है।
जींद के गांव जुलानी निवासी प्रतिभा के दादा मास्टर स्व. धनसिंह का अपना नाम तथा इलाके में रसूख था। प्रतिभा के पिता जवाहर सिंह दिल्ली पुलिस में एएसआई हैं, जबकि माता संतोष स्वास्थ्य विभाग गुरुग्राम में स्टाफ नर्स हैं। बड़ा भाई मनदीप विदेश मंत्रालय में कार्यरत है।
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प्रतिभा ने पांचवीं कक्षा तक जींद के आदर्श विद्या मंदिर में पढ़ाई करने के बाद नौवीं तक इंडस पब्लिक स्कूल से शिक्षा प्राप्त की। बाद में उनका परिवार गुरुग्राम में शिफ्ट हो गया। बारहवीं की परीक्षा गुरुग्राम से तथा बीएससी दिल्ली विश्वविद्यालय से की। वर्ष 2020 में आईआईटी मुंबई से गणित में एमएससी की।
प्रतिभा ने सभी बोर्ड तथा उच्चतर शिक्षा 80 प्रतिशत से ज्यादा अंकों के साथ पास की है। यूपीएससी में चयन करवाना प्रतिभा का सपना था। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली, लेकिन दूसरे प्रयास में 326वीं रैंक हासिल कर माता-पिता के अलावा गांव व जिले का नाम रोशन किया है। प्रतिभा के माता-पिता ने उसका पूरा सहयोग किया।
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पढ़ाई का ज्यादा समय दिया। सेल्फ स्टडी के साथ करंट अफेयर पर फोकस किया। प्रतिभा ने बताया कि गुरुग्राम में जहां पर वह रहती है, उसके मकान के ऊपरी फ्लोर पर एक युवक यूपीएससी की तैयारी करता था। उसका चयन होने के बाद उससे प्रेरणा मिली।
उसने अपनी सफलता का श्रेय मात-पिता तथा गुरुजनों को दिया। जुलानी निवासी केवल कृष्ण जुलानी ने कहा कि प्रतिभा ने गांव का ही नहीं प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्हें प्रतिभा पर गर्व है।