हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) क्षेत्र में रहने वाले करीब 8500 लोगों का पानी का बिल हुडा और बिलिंग एजेंसी के पचड़े में फंसा गया है। इससे इस बार के पानी के बिल जहां जारी तक नहीं हो पाए हैं, वहीं पिछले दो महीने से पानी के बिलों का भुगतान भी नहीं हो रहा है। अब इन लोगों पर सरचार्ज की तलवार लटक रही है। कारण है हुडा द्वारा पानी के बिल का पूरा काम एक निजी एजेंसी को देना। सभी कुछ तय होने के बावजूद एजेंसी ने यह काम शुरू नहीं किया है।
दरअसल हुडा क्षेत्र में करीब साढ़े आठ हजार मकान, दुकान और शोरूम हैं। सभी में पानी के वैद्य कनेक्शन भी किए गए हैं। दो महीने पहले तक सब कुछ सही चल रहा था। तय तारीख को हुडा के पानी के बिल महाराष्ट्र बैंक में भी जमा करवाए जाते रहे हैं, लेकिन नोट बंदी के कारण बैंकों में बढ़ी भीड़ के बाद बैंक ने पानी के बिल लेने से मना कर दिया। हालांकि इसके बाद हुडा ऑफिस में भी बिल भुगतान का एक रास्ता बचता है, लेकिन हुडा के कर्मचारी भी अब बिल नहीं ले रहे हैं। इससे लोगों पर सरचार्ज का बोझ बढ़ने की संभावना है। हालांकि हुडा अधिकारी सरचार्ज लगने पर एजेंसी से वसूलने की बात कह रहे हैं।
20 से 50 रुपये तक सरचार्ज
हुडा द्वारा पेयजल और सीवर के बिल की राशि प्रतिमाह करीब 136 रुपये है। तय समय पर बिल का भुगतान नहीं होने पर हुडा यूनिट और खपत के हिसाब से 20 से 50 रुपये तक सरचार्ज अगले बिल में जोड़ देता है। ऐसे में हुडा में रहने वाले लोगों पर डेढ़ लाख से लेकर चार लाख रुपये तक बोझ पड़ सकता है।
यूं फंसा पेंच
दरअसल हुडा ने बिल जारी करने और पैसे वसूलने का काम ऑनलाइन कर इसका ठेका एक निजी एजेंसी को दिया है। एजेंसी की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन अधिकारियों के ढीले रवैये के कारण अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है।
नहीं मिला बिल
पिछले महीने बिल मिला था, लेकिन उसका भुगतान नहीं हो सका। वहीं इस माह भी भुगतान की अंतिम तारीख जा चुकी है, लेकिन पानी और सीवरेज का बिल नहीं मिला है। इससे काफी चिंता हो रही है। हुडा अधिकारी कोई जवाब नहीं देते।- मनफूल सिंह
लोगों को रही है परेशानी
यह हुडा की अपने स्तर पर दिक्कत है, लेकिन परेशान लोगों को किया जा रहा है। लोग बिलों का भुगतान करने जाते हैं, लेकिन कोई लेने वाला नहीं है। इससे सरचार्ज लगने का भी खतरा है। यदि ऐसा होता है तो लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। -डॉ. एचएस पूनिया
पानी व सीवर के बिल का पूरा काम निजी एजेंसी को ठेके पर दिया गया है। एजेंसी ने अभी तक काम शुरू नहीं किया है। काम एजेंसी को जाने के कारण ऑफिस में बिल नहीं लिए जा रहे हैं। वहीं बैंक ने भी बिल ने से मना कर दिया है। अब एजेंसी को काम शुरू करने के लिए बोला गया है। यदि लोगों को सरचार्ज लगता है तो यह कंपनी से वसूला जाएगा। -वीके गुप्ता, एसडीई, हुडा।