जिला भर में डेंगू का खौफ है करीब दो दर्जन मामले सामने आ चुके हैं और तीन लोगों की मौत हो चुकी है। नागरिक अस्पताल में ही डेंगू के मच्छर के लिए उपयुक्त वातावरण और सुरक्षित ठिकाना बन रहा है। सरकारी कार्यालयों में डेंगू व मलेरिया मच्छर की स्थिति जांचने के लिए अमर उजाला टीम कई जगह पहुंची। इस दौरान बिजली निगम, जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय और अस्पताल में हालात बदतर मिले। जन स्वास्थ्य विभाग में जहां कूलर का पानी नहीं बदला गया है, वहीं अस्पताल में खुली टंकियां व बिखरे पानी में मच्छरों के पनपने का उपयुक्त वातावरण बन रहा है। वहीं बिजली निगम कार्यालय में भी बेकद्री से पानी बह रहा है। जिससे मच्छर फैल सकते हैं।
नहीं बदला कूलर का पानी
जन स्वास्थ्य विभाग के सर्कल ऑफिस में कूलर लगा है। कर्मचारियों और अधिकारियों को कूलर की सुध लेने की फुर्सत ही नहीं है। कई दिन से कूलर का पानी नहीं बदला गया है। जो मच्छरों के पनपने के लिए उपयुक्त है।
अस्पताल में खुली पड़ी टंकियां
नागरिक अस्पताल के अधिकारियों के सिर पर ही जिला भर को बीमारियों से बचाने का बोझ है, लेकिन यहां भी लापरवाही का बोलबाला है। अस्पताल की छत पर तीन-चार टंकियां खुली पड़ी हैं। इनमें आसानी से डेंगू का मच्छर पनप सकता है।
यहां नहीं पानी की कद्र
बिजली निगम में लगातार पानी बह रहा है। यह पानी कार्यालय के साथ ही खाली पड़ी जमीन पर एकत्रित हो रहा है। इससे पानी एकत्रित होने वाली जगह पर घास भी उग आई है। तमाम स्वच्छता अभियान के बावजूद इस जगह को ठीक नहीं किया गया है। यहां मच्छर फैलने का खतरा रहता है।
आ चुके हैं 27 केस
जिले में अब तक डेंगू के 27 केस आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. आरएस तंवर स्वयं मानते हैं यह मौसम डेंगू के लिए उपयुक्त है। फिलहाल दिन के समय तापमान अधिक है और रात को कम होता है। ऐसे में डेंगू का मच्छर पनप सकता है।
होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लघु सचिवालय और एसएसपी ऑफिस की जांच की थी। इस दौरान जहां जरुरी हुआ, टंकियों की सफाई करवाई गई। डेंगू का मच्छर कई दिन तक पानी एकत्रित होने से फैलता है, लेकिन इसके लिए टीमें काम कर रही हैं। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि कहीं पानी खुला चलता है तो इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग को भी कार्रवाई करनी चाहिए। अस्पताल में टंकियों के पानी ठहरता नहीं है, इसलिए यहां दिक्कत नहीं हो सकती, फिर भी टंकियों को ढकवा दिया जाएगा। - डॉ. आरएस तंवर, नोडल अधिकारी
विभाग करेगा कार्रवाई
लोगों को पेयजल बर्बाद नहीं करना चाहिए। विभाग ने इसके लिए विशेष अभियान भी चलाया था। इसके बावजूद कहीं पानी व्यर्थ बह रहा है, तो वहां कार्रवाई की जाएगी। -बीपी शर्मा, एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग।