फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेयजल की किल्लत को लेकर ग्रामीणों ने जलघर पर जड़ा ताला

Sun, 07 Aug 2016 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, भूना
विज्ञापन
गोसाईं खेड़ा गांव में पेयजल की किल्लत को लेकर जलघर पर ताला जड़ते हुए ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

विज्ञापन
। पेयजल की किल्लत को लेकर गोसाईं खेड़ा के ग्रामीणों जलघर पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि वह पिछले कई माह से दूषित पेयजल पीने को मजबूर हैं। ताला खुलवाने के लिए कोई भी कर्मचारी और अधिकारी जलापूर्ति विभाग से नहीं पहुंचा। गांव के सरपंच ने फोन पर एसडीओ से बातचीत कर तथा समस्या के समाधान के आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों को शांत कर ताला खुलवाया।


शनिवार को दर्जनों ग्रामीणों जलघर पर पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों कहना था कि पेयजल की समस्या एक या दो माह से नहीं हैं बल्कि कई वर्षों से हैं। पानी की किल्लत की समस्या से कई बार अधिकारियों से कई बार मिल चुके हैं मगर समस्या ज्यों की ज्यों है। ग्रामीणों ने कहा कि जलघर में तीन कर्मचारी हैं इनमें से केवल एक कर्मचारी ही ड्यूटी पर आता है, बाकी कर्मचारी हाजिरी लगाते हैं और गायब रहते हैं।
विज्ञापन



जलघर से जो पानी घर-घर सप्लाई किया जाता है वह पानी किसी भी लिहाज से पीने के लायक नहीं है। पानी दूषित और खारा है। पानी के प्रयोग से ग्रामीणों को चर्म रोग हो रहे हैं। नहर का पानी जलघर में आ रही रहा है और जो भूमिगत पानी सप्लाई किया जाता है वह खारा है। ताला की सूचना पाकर गांव की सरपंच सरोज जलघर में पहुंची और जलापूर्ति विभाग के एसडीओ से फोन पर बातचीत की। फोन पर ही एसडीओ के आश्वासन के बाद सरपंच ने ग्रामीणों को शांत किया और ताला खुलवाया।
विज्ञापन



जलघर से जो पानी गांव में सप्लाई किया जाता है, वह पानी दूषित है। दूषित पानी के प्रयोग से ग्रामीणों को चर्म रोग हो रहे हैं। पानी किसी भी लिहाज से प्रयोग करने योग्य नहीं है। कई बार प्रशासन को इससे अवगत करवाया जा चुका है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
सरोज, सरपंच गोसाईं खेड़ा गांव।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें