सेल्फी विद डॉटर की शुरुआत करने वाले और बीबीपुर के पूर्व सरपंच ने इस बार 15 अगस्त को एक अनोखे ढंग से मनाने का फैसला किया है। इसके लिए मंगलवार से ‘बेटी की आजादी’ नामक कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। इसमें सबसे पहले ट्राई कलर में ‘एक उम्मीद मेरी बेटी’ की फोटो के साथ जीने की आजादी, पढ़ने की आजादी, करिअर चुनने की आजादी, स्लोगन के साथ स्टीकर तैयार कराए गए हैं, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के घरों में बुजुर्गों के हाथों से लगवाए जाएंगे।
गांव के पूर्व सरपंच सुनील जागलान ने बताया कि उसी दिन पूरी तरह से आजादी मनाई जा सकती है, जिस दिन लड़कियों को सभी प्रकार के अधिकार मिल जाएंगे। अभियान को प्रचारित करने के लिए सोशल मीडिया पर बेटी की आजादी के इस लोगो को प्रचारित किया जाएगा। इसको फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुपों की प्रोफाइल पिक बनाने का अनुरोध किया जाएगा।
साथ ही ‘बेटी की आजादी’ नाम से एक लिखित प्रतियोगिता होगी, जिसमें महिलाओं से जुड़े विभिन्न कानूनों की वस्तुनिष्ठ प्रतियोगिता का आयोजन स्कूल और कॉलेज स्तर पर कराया जाएगा। सुनील जागलान ने बताया कि इस कार्यक्रम को देशभर में चलाने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय नई दिल्ली को भी पत्र लिखकर सूचित किया जाएगा कि इस तरह से आजादी का दिन देश में जगह-जगह मनाया जा सके, जिससे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को जन आंदोलन बनाने में प्रत्येक आदमी भी अपनी अहम भूमिका निभा सके।