लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दिल्ली-जींद के बीच रेल लाइन के विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है। शुक्रवार रेलवे के सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) शैलेष कुमार पाठक व डीआरएम अरुण अरोड़ा ने रोहतक-जींद लाइन का सुरक्षा निरीक्षण किया। निरीक्षण में सीआरएस ने जींद-रोहतक के बीच विद्युत रेल लाइन को गाड़ियों के परिचालन के लिए सही बताया है। अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को अंतिम औपचारिक रिपोर्ट रेलवे को सौंप दी जाएगी। इसके बाद गाड़ियों का परिचालन रेल मंत्रालय को तय करना है। वहीं, डीआरएम अरुण अरोड़ा ने बताया कि इस साल के अंत तक जींद-पानीपत रेल लाइन का विद्युतीकरण का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि रोहतक से जींद रेल लाइन के विद्युतीकरण की परियोजना की घोषणा करीब चार साल पहले हुई थी। इसके बाद से ही इस पर काम जारी रहा। अब यह लाइन इलेक्ट्रिक इंजन के साथ ट्रेन चलाने को तैयार है। इससे लोगों को काफी लाभ होगा।
30 हजार यात्री करते हैं सफर
जिले से करीब 30 हजार यात्री प्रतिदिन ट्रेन का सफर करते हैं। इनमें सबसे अधिक दिल्ली व बहादुरगढ़ जैसे शहरों में काम के लिए प्रतिदिन जाने वाले यात्री शामिल हैं। इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने से इनको सबसे अधिक लाभ होगा।
बढ़ेगी ट्रेन की संख्या
इलेक्ट्रिक लाइन शुरू होने से जींद जंक्शन तक ट्रेनों की संख्या बढ़ने की भी संभावना है। फिलहाल जींद से दिल्ली की ओर जाने के लिए सुबह साढ़े आठ बजे के बाद शाम को 03:50 बजे ही पैसेंजर ट्रेन है। इलेक्ट्रिक लाइन के बाद जींद तक ईएमयू चलने की संभावना है। इससे गाड़ी का इंजन बदलने का झंझट समाप्त हो जाएगा।
पावर तैयार नहीं करने पर नाराज हुए सीआरएस
निरीक्षण के बाद जींद से इलेक्ट्रिक पावर रोहतक भेजने की योजना थी। सीआरएस शाम करीब सवा चार बजे जींद जंक्शन पहुंचे। जैसे ही सीआरएस ने इलेक्ट्रिक पावर रवाना करने के आदेश दिए, अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। काफी देर तक इलेक्ट्रिक पावर को तैयार करने की जद्दोजहद होती रही। इस पर सीआरएस ने अधिकारियों से नाराजगी जताई।
अब बठिंडा तक विद्युतीकरण की तैयारी
रेलवे की योजना के तहत अब जींद से बठिंडा तक की लाइन का विद्युतीकरण किया जाना है। रोहतक के बाद अब जींद तक विद्युतीकरण हो चुका है। अगले चरण में बठिंडा तक विद्युतीकरण होने के बाद यह लाइन पूरी तरह विद्युत चालित हो जाएगी।
रोहतक से जींद तक की इलेक्ट्रिक लाइन का निरीक्षण शुक्रवार को किया गया है। लाइन गाड़ियों के परिचालन के लिए सही है। इसकी रिपोर्ट मंत्रालय को दे दी जाएगी। गाड़ियों का परिचालन अब मंत्रालय को करना है। लाइन में किसी प्रकार की कोई खामी नहीं पाई गई है।
-शैलेष कुमार पाठक, सीआरएस
रोहतक से शुरू हुआ निरीक्षण
इससे पहले, नागर विमानन मंत्रालय से रेल संरक्षा आयोग के सुरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक और दिल्ली से मंडल प्रबंधक अरुण अरोड़ा ने रोहतक पहुंचे और अपनी विशेष ट्रेन से विंडो इंस्पेक्शन किया। उन्होंने इलेक्ट्रिक लाइन की सुरक्षा के पैमाने जांचे और इलेक्ट्रिक विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ मंथन किया। पूरी पड़ताल के बाद दोनों अधिकारी टीम के साथ जींद की ओर रवान हो गए। अब जल्द ही इस लाइन पर इलेक्ट्रिक गाड़ियां दौड़ती नजर आएंगी।