एक सप्ताह पहले जिलापरिषद की चेयरपर्सन के खिलाफ बगावत करने वाले सभी 20 जिला पार्षद अब चेयरपर्सन के चुनाव में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह व सांसद रमेश कौशिक की सीधी दखल अंदाजी चाहते हैं। सभी पार्षद वर्तमान चेयरपर्सन को हटाने के पक्ष में हैं। इसी बीच 27 अप्रैल को चेयरपर्सन का चुनाव हो सकता है, हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टी नहीं हुई है।
सोमवार रात वार्ड नंबर-18 से जिला पार्षद विकास कुमार कुमार की शादी में सभी बागी 20 पार्षद एक साथ एकजुट हुए। हालांकि यहां राजनीति की कोई खास चर्चा तो नहीं हो सकी, लेकिन पार्षदों के एकत्रित होने पर लोगों की नजरें जरूर टिकी रहीं। दरअसल सभी बागी पार्षद जिला परिषद की चेयरपर्सन पर विकास में भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में नया चेयरपर्सन चुनने से पहले सभी बड़े नेताओं के समक्ष अपने वार्ड का विकास सुनिश्चित करना चाहते हैं।
27 अप्रैल पर नजर
तमाम अनिश्चितताओं के बीच 27 अप्रैल को जिला परिषद की चेयरपर्सन के लिए चुनाव होने की संभावना है। हालांकि इसकी अधिकारिक रूप से घोषणा नहीं हुई है। डीसी विनय सिंह के अनुसार बुधवार को तारीख तय की जाएगी। उन्होंने 27 अप्रैल को मीटिंग बुलाने की पुष्टी नहीं की।
शादी की डिप्लोमेसी भी नहीं आई काम
जिला पार्षद की शादी में चेयरपर्सन के पति और वरिष्ठ भाजपा नेता विनोद सिंगला पहुंचे तो, लेकिन यहां शादी डिप्लोमेसी काम नहीं आई। शादी समारोह में ही सभी पार्षद मौजूद होने के बावजूद उनकी किसी भी पार्षद से बात नहीं हुई है।
बदल सकता है पार्षदों का गणित
26 सदस्यों वाली जिला परिषद में 20 पार्षद बगावत कर रहे हैं और एक पार्षद मोनू दनौदा तटस्थ हैं। शेष पार्षद फिलहाल खुलकर चेयरपर्सन पदमा सिंगला के साथ हैं। चुनाव के दिन तक यह गणित बदल सकता है। हालांकि सभी 20 बागी पार्षद लगातार संपर्क में हैं, लेकिन इनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरे समीकरण को बदल सकती हैं। हालांकि, इसके लिए एक पांच सदस्यीय कमेटी बनाने पर भी पार्षदों की चर्चा चली, लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ सकी। ऐसे में चुनाव के समय तक बहुमत का गणित बदल सकता है।