फोटो 07जेएनडी15-लेफ्टिनेंट बने खरकभूरा गांव के जतिन श्योकंद। स्रोत परिजन
उचाना। खरकभूरा गांव के जतिन श्योकंद ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर न केवल अपने परिवार का गौरव बढ़ाया बल्कि दिवंगत दादा स्व. करतार श्योकंद का वर्षों पुराना सपना भी साकार कर दिया। दादा की इच्छा थी कि उनका पोता सेना में अधिकारी बने।
पिता कर्नल अशोक श्योकंद ने बयाया कि जतिन ने प्रारंभिक शिक्षा आर्मी स्कूल से हासिल की। इसके बाद सीडीएस/एनसीसी के माध्यम से चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) में प्रवेश लिया।
कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जतिन ने भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन मिला। पासिंग आउट परेड में माता-पिता ने उनके कंधों पर लेफ्टिनेंट के सितारे सजाए तो परिवार के लिए यह भावुक और गौरवपूर्ण क्षण बन गया।
जतिन ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद, गुरुजनों के मार्गदर्शन और मेहनत को दिया। उनके पिता अशोक श्योकंद सेना में कर्नल हैं जबकि दादा भी सेना में सेवाएं दे चुके हैं। जतिन परिवार के तीसरे आर्मी अफसर बने हैं। जतिन की उपलब्धि पर खरकभूरा सहित क्षेत्र के लोगों ने बधाई दी। ग्रामीणों ने कहा कि उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणादायी है।
जतिन श्योकंद के चाचा कृष्ण श्योकंद, सुरेंद्र सफा खेड़ी, संदीप फौजी, रणबीर पहलवान, रवि नंबरदार, अनिल पहलवान ने कहा कि जतिन श्योकंद ने लेफ्टिनेंट बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। युवाओं के लिए जतिन श्योकंद प्रेरणास्रोत बनेंगे।